लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
भरतपुर। भीषण गर्मी के बीच बिजली कटौती और कम वोल्टेज की समस्या से परेशान ग्रामीणों का गुस्सा सोमवार को फूट पड़ा। बिजली संकट से जूझ रहे करीब 10 गांवों के लोगों ने मोतीझील स्थित अधीक्षण अभियंता (SE) कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया और शीघ्र समाधान की मांग की।
ग्रामीणों का आरोप है कि फीडर परिवर्तन के बाद से क्षेत्र में बिजली आपूर्ति की स्थिति लगातार खराब हो गई है। दिनभर कई-कई घंटे बिजली गुल रहती है और आपूर्ति होने पर भी वोल्टेज इतना कम रहता है कि घरेलू उपकरणों और पानी की मोटरों का संचालन प्रभावित हो रहा है।
प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने विभागीय अधिकारियों के खिलाफ नाराजगी जताते हुए कहा कि गर्मी के मौसम में बिजली की अनियमित आपूर्ति के कारण पेयजल संकट भी गहरा गया है। बिजली नहीं मिलने से जलापूर्ति प्रभावित हो रही है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
फीडर बदलने के बाद बढ़ी समस्या
रामनगर निवासी दिनेश फौजदार ने बताया कि उनके गांव की बिजली आपूर्ति पिछले करीब 30 वर्षों से सेवर ग्रामीण फीडर सारस से होती थी, लेकिन बाद में इसे कुम्हा फीडर से जोड़ दिया गया। इसके बाद से बिजली व्यवस्था लगातार बिगड़ती चली गई। उन्होंने बताया कि गांव में प्रतिदिन लगभग छह घंटे बिजली कटौती होती है, जबकि कम वोल्टेज की समस्या अलग से बनी हुई है।
बिजली संकट से पेयजल व्यवस्था प्रभावित
ग्रामीणों का कहना है कि पर्याप्त वोल्टेज नहीं मिलने के कारण पानी की मोटरें सही तरीके से नहीं चल पा रही हैं। इससे घरों तक पानी पहुंचाने में दिक्कत आ रही है। भीषण गर्मी के बीच बिजली और पानी दोनों की समस्या ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है।
कम वोल्टेज से खराब हो रहे उपकरण
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि लगातार कम वोल्टेज के कारण घरों में लगे पंखे, कूलर, फ्रिज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण खराब हो रहे हैं। कई बार शिकायत दर्ज कराने के बावजूद विभाग ने समस्या के स्थायी समाधान के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया है।
15 दिन पहले भी दिया था ज्ञापन
दिनेश फौजदार ने बताया कि करीब 15 दिन पूर्व भी ग्रामीणों ने अधीक्षण अभियंता को ज्ञापन सौंपकर समस्या से अवगत कराया था। विभाग द्वारा रिपोर्ट तैयार कर संबंधित अधिकारियों को भेजने की बात कही गई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही बिजली आपूर्ति व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
















































