लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
नशा तस्करी में आरोपी है गनमैन
जयपुर। वसुंधरा राजे सरकार में यूडीएच मंत्री रहे वर्तमान में बीजेपी विधायक प्रताप सिंह सिंघवी के पीएसओ हैड कांस्टेबल शंकरराम को एनडीपीएस एक्ट के आरोप में बर्खास्त कर दिया गया है। सबसे खास बात है कि शंकरराम वर्ष 2003 से जब वे पहली बार छबड़ा से विधायक बने तब से शंकरराम उनके पीएसओ रहे है्। उसके बाद से लगातार शंकरराम प्रताप सिंह सिंघवी के पीएसओ रहे। बारां एसपी अभिषेक ने बताया कि सदर थाना पुलिस ने 29 अक्टूबर 2025 को एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए एक डस्टर कार से 97 किलो 110 ग्राम अवैध अफीम डोडा चूरा जप्त किया था। जब पुलिस ने तस्करों के तार खंगाले तो उसमें विधायक प्रताप सिंह सिंघवी के पीएसओ शंकर राम की मिलीभगत पाई गई। जांच करने पर पाया गया कि शंकर राम लंबे समय नशे के तस्करों से जुड़कर तस्करों को सहयोग कर रहा था। जांच में आरोप प्रमाणित पाए जाने पर बारां पुलिस अधीक्षक ने शंकरराम को राज्य सेवा से बर्खास्त करने के आदेश जारी किए। जैसे ही शंकर राम को पुलिस के एक्शन की भनक लगते ही आरोपी शंकरराम घर से फरार हो गया है। 
पुलिस जांच में सामने आया कि शंकरराम अपनी वर्दी और रुतबे गलत फायदा उठा रहा था वह अपने परिचित अंतरराज्यीय तस्करों से लगातार संपर्क में था और अवैध डोडा अफीम, डोडा चूरा की बड़ी खेपों को सुरक्षित नागौर भिजवाने में तस्करों की मदद कर रहा था। जैसे ही उसे जांच में उसकी संलिप्तता की जानकारी मिली वही डयूटी से गायब हो गया विभाग ने उसे कई नोटिस दिए लेकिन वह जांच के लिए नहीं आया। एसपी अभिषेक अंदासु ने बताया कि आरोपी के कई ठिकानों पर छापेमारी की गई लेकिन उसके अंडरग्राउंड होने पर पुलिस ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया । वहीं से गिरफ्तारी वारंट लिए एसपी ने शंकरराम की बर्खास्तगी के आदेश में सख्त शब्दों में लिखा और कहा शंकरराम ने कानून का रक्षक होकर भी अपराधियों से हाथ मिलाया। उसने अपने पद और गरिमामयी वर्दी का घोर दुरुपयोग किया है। जिससे पुलिस की साख और राजस्थान सिविल सेवा नियमों के तहत उसे नौकरी से बर्खास्त किया गया है । इस कार्रवाई के बाद से पूरे महकमें में हडकप मचा हुआ है।

















































