लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
नितिन मेहरा वरिष्ठ संवाददाता, (राजस्थान)
दिल्ली, यूपी, हरियाणा समेत कई राज्यों में नई दरें लागू
नई दिल्ली। देश में पेट्रोल और डीजल के बढ़ते दामों के बीच अब आम जनता को कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (CNG) की बढ़ती कीमतों से भी बड़ा झटका लगा है। आज, 26 मई से सीएनजी की दरों में 2 रुपये प्रति किलोग्राम का नया इजाफा किया गया है। 15 मई के बाद से यह लगातार चौथी वृद्धि है, जिसने देश के कई राज्यों में मध्यम वर्ग और सार्वजनिक परिवहन चालकों के बजट को बिगाड़ दिया है।
इस ताजा बढ़ोतरी के बाद राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सीएनजी की नई कीमत 83.09 रुपये प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है।
11 दिनों में ₹6 की भारी वृद्धि
ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की हलचल और इनपुट गैस लागत पर दबाव बढ़ने के कारण पिछले 11 दिनों के भीतर ही सीएनजी की कीमतों में कुल मिलाकर 6 रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की जा चुकी है:
* 15 मई: ₹2.00 की वृद्धि
* 18 मई: ₹1.00 की वृद्धि
* 23 मई: ₹1.00 की वृद्धि
* 26 मई (आज): ₹2.00 की वृद्धि
प्रमुख राज्यों के नाम और सीएनजी की ताजा दरें
स्थानीय टैक्स और वैट (VAT) संरचना के कारण देश के अलग-अलग राज्यों में सीएनजी की कीमतें इस प्रकार दर्ज की गई हैं:
* दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी में नई दर ₹83.09 प्रति किलोग्राम है।
* उत्तर प्रदेश: नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद में कीमतें बढ़कर ₹91.70 प्रति किलोग्राम हो गई हैं। मुजफ्फरनगर में यह ₹91.58 और लखनऊ में ₹95.75 प्रति किलोग्राम पर है।
* हरियाणा: गुरुग्राम (गुड़गांव) में सीएनजी की ताजा दर ₹88.12 प्रति किलोग्राम है। राज्य के अन्य हिस्सों में औसत दर ₹85.21 से ₹90.95 के बीच बनी हुई है।
* महाराष्ट्र: मुंबई और मुंबई महानगरीय क्षेत्र में सीएनजी की कीमत ₹81.00 प्रति किलोग्राम है, जबकि पुणे में यह ₹92.50 प्रति किलोग्राम के स्तर पर बनी हुई है।
* राजस्थान: जयपुर समेत राज्य के मुख्य शहरों में औसत दर ₹90.53 से लेकर ₹90.91 प्रति किलोग्राम दर्ज की जा रही है।
* पश्चिम बंगाल: कोलकाता और आसपास के क्षेत्रों में सीएनजी की नई दरें ₹93.50 प्रति किलोग्राम पर आ गई हैं।
* तेलंगाना: हैदराबाद में सीएनजी की दरें ₹97.00 प्रति किलोग्राम पर पहुंच चुकी हैं।
* गुजरात: अहमदाबाद समेत राज्य के प्रमुख हिस्सों में नई कीमत ₹82.25 प्रति किलोग्राम है।
परिवहन लागत और घरेलू बजट पर चौतरफा दबाव
इस मूल्य वृद्धि का सबसे गहरा असर दिल्ली-एनसीआर समेत देश भर के ऑटो-रिक्शा, कैब चालकों, स्कूल वैन और निजी कार मालिकों पर पड़ेगा। बार-बार बढ़ती ईंधन लागत से परिवहन यूनियनों ने भी किराए में बढ़ोतरी की मांग तेज कर दी है। इसके अलावा, अंतर-राज्यीय माल ढुलाई महंगी होने से फल, सब्जियां और अन्य आवश्यक राशन सामग्री महंगी होने की पूरी आशंका है, जो सीधे तौर पर आम आदमी की जेब पर असर डालेगी।












































