अजमेर के स्कूलों का नाम रोशन करें शिक्षक: वासुदेव देवनानी

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लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क

नितिन मेहरा, वरिष्ठ संवाददाता (अजमेर/जोधपुर)

अजमेर। राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने शिक्षकों से आह्वान किया है कि वे अपने समर्पण और सक्रियता से विद्यालयों का गौरव बढ़ाएं और शिक्षा की गुणवत्ता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएं। वे तोपदड़ा स्थित शिक्षा संकुल में जिला शिक्षा अधिकारी (मुख्यालय) माध्यमिक शिक्षा द्वारा आयोजित संस्था प्रधानों की संगोष्ठी को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे।

देवनानी ने कहा कि शिक्षक केवल स्कूल तक सीमित न रहें, बल्कि अपने क्षेत्र में विद्यालय के सच्चे प्रतिनिधि बनकर कार्य करें। वे नियमित रूप से विद्यार्थियों के अभिभावकों से संपर्क कर उनका विश्वास जीतें और बच्चों के सर्वांगीण विकास में सहयोग करें।

शिक्षा में गुणवत्ता और लक्ष्य पर जोर

उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकारी विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए। सभी विद्यालयों को निर्देश देते हुए उन्होंने छात्र-छात्राओं के नामांकन में न्यूनतम 20 प्रतिशत वृद्धि का लक्ष्य तय किया। जिन क्षेत्रों में अधिक संभावनाएं हैं, वहां इस लक्ष्य को डेढ़ गुना तक बढ़ाने के प्रयास करने को कहा।

देवनानी ने यह भी कहा कि बच्चों को इस प्रकार तैयार किया जाए कि वे परीक्षा में 60 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करें और अधिक से अधिक छात्र-छात्राएं गार्गी पुरस्कार हासिल करें। उन्होंने विशेष रूप से छात्राओं की बढ़ती भागीदारी को समाज की प्रगति का प्रतीक बताते हुए उनका अनुपात बढ़ाने पर जोर दिया।

अनुशासन और व्यवस्थाओं पर निर्देश

उन्होंने प्राचार्यों को निर्देश दिए कि विद्यालयों में बेहतर अनुशासन, साफ-सफाई और संसाधनों की निगरानी सुनिश्चित करें। सभी संस्था प्रधान स्कूल समय से 30 मिनट पहले पहुंचें और छुट्टी के बाद 30 मिनट तक विद्यालय में उपस्थित रहें।

विद्यालय परिसरों को स्वच्छ, हरा-भरा और आकर्षक बनाने के लिए उन्होंने एसएमसी, एसडीएमसी, स्थानीय प्रभावशाली व्यक्तियों और भामाशाहों की भागीदारी बढ़ाने की बात कही। साथ ही, दानदाताओं की सूची तैयार कर सहयोग लेने के निर्देश भी दिए।

भवन निर्माण और बजट पर जोर

देवनानी ने बताया कि विद्यालयों में नए कमरों के निर्माण के लिए करोड़ों रुपये की स्वीकृति जारी की जा चुकी है। जहां निर्माण कार्य में देरी हो रही है, वहां संस्था प्रधान स्वयं हस्तक्षेप कर कार्य में तेजी लाएं। जर्जर भवनों को लेकर उन्होंने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि ऐसे कमरों में किसी भी स्थिति में बच्चों को न बैठाया जाए और आवश्यक बजट के लिए तत्काल कार्रवाई की जाए। प्रदेश में जर्जर स्कूल भवनों के सुधार हेतु 500 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

अजमेर को टॉप 5 में लाने का लक्ष्य

उन्होंने लक्ष्य निर्धारित किया कि अगले सत्र में 60 प्रतिशत से अधिक अंक लाने वाले विद्यार्थियों की संख्या कम से कम डेढ़ गुना बढ़ाई जाए। साथ ही अजमेर जिले को प्रदेश के शीर्ष 5 जिलों में शामिल कराने और गार्गी पुरस्कारों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम का विवरण

  • स्थान: शिक्षा संकुल, तोपदड़ा (अजमेर)
  • आयोजक: जिला शिक्षा अधिकारी (मुख्यालय) माध्यमिक शिक्षा
  • प्रतिभागी: अजमेर शहर के 49 संस्था प्रधान

संगोष्ठी से पूर्व देवनानी ने जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के कुर्कमुक्त हुए कक्ष का अवलोकन किया। इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी दर्शना शर्मा ने उनका स्वागत करते हुए आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम में संयुक्त निदेशक स्कूल शिक्षा अनिल शर्मा, महावीर कुमार शर्मा, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी गोविंद नारायण शर्मा, अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी रामनिवास गालव, दिनेश ओझा, चन्द्रशेखर शर्मा सहित अन्य अधिकारी एवं प्राचार्य उपस्थित रहे।

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