लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
अजमेर में चौंकाने वाला मामला:
अजमेर (नितिन मेहरा)। राजस्थान के अजमेर जिले में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां सड़क किनारे कपड़े प्रेस (इस्त्री) करने वाले एक सामान्य व्यक्ति के नाम पर सैकड़ों करोड़ रुपये के लेन-देन का खुलासा हुआ है।
रामनगर निवासी जितेंद्र कुमार बाड़ोलिया को जब आयकर विभाग की ओर से करीब ₹598.50 करोड़ का नोटिस मिला, तो वह पूरी तरह स्तब्ध रह गए।
कैसे सामने आया फर्जीवाड़ा?
जांच के अनुसार, जितेंद्र के दस्तावेजों का दुरुपयोग कर सूरत (गुजरात) में “मैसर्स मनन इंटरप्राइजेज” नाम से एक फर्जी फर्म बनाई गई। इस फर्म के जरिए दिसंबर 2020 से फरवरी 2021 के बीच लगभग ₹468 करोड़ का टर्नओवर और कुल ₹598 करोड़ से अधिक का लेन-देन दर्शाया गया।
PAN कार्ड के दुरुपयोग से शुरू हुआ खेल
जानकारी के मुताबिक, करीब दो साल पहले जितेंद्र का PAN कार्ड खो गया था। आरोप है कि इस पैन कार्ड का उपयोग कर पाली के एक व्यक्ति सिद्धार्थ ने फर्जीवाड़े को अंजाम दिया।
इसी पहचान के आधार पर न सिर्फ कंपनी बनाई गई, बल्कि सूरत के एक निजी बैंक में खाता खोलकर करोड़ों का लेन-देन भी किया गया।
बैंकिंग सिस्टम पर उठे सवाल
इस मामले ने बैंकिंग सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़ित के वकील का कहना है कि इतने बड़े ट्रांजेक्शन होने के बावजूद बैंक की ओर से कोई अलर्ट या सूचना संबंधित एजेंसियों को नहीं दी गई।
मामले में लापरवाही को देखते हुए आयकर विभाग ने संबंधित बैंक मैनेजर को भी नोटिस जारी किया है।
पीड़ित परिवार सदमे में
नोटिस मिलने के बाद जितेंद्र कुमार और उनका परिवार गहरे मानसिक तनाव में है। बताया जा रहा है कि तनाव के चलते उनका शुगर लेवल 500 से अधिक पहुंच गया और स्वास्थ्य बिगड़ गया है। उन्होंने काम पर जाना भी बंद कर दिया है।
पुलिस जांच जारी
पीड़ित ने अजमेर के गंज थाना में शिकायत दर्ज करवाई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और पूरे नेटवर्क की पड़ताल की जा रही है।





















































