लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
अजमेर | (नितिन मेहरा) राजस्थान रोडवेज कर्मचारियों ने अपनी 14 सूत्रीय मांगों और निजीकरण के विरोध में अजमेर के केंद्रीय बस स्टैंड पर जोरदार प्रदर्शन किया। राजस्थान परिवहन निगम संयुक्त कर्मचारी फेडरेशन (BMS) के बैनर तले हुए इस प्रदर्शन में कर्मचारियों ने सरकार और प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
निजीकरण के खिलाफ आर-पार की लड़ाई
प्रदेश उपाध्यक्ष दीपक सिंह रावत ने कहा कि:
- लंबे समय से शांतिपूर्ण तरीके से मांगें रखी जा रही हैं
- लेकिन प्रबंधन की अनदेखी के कारण अब आंदोलन तेज करना पड़ा
- यह प्रदर्शन पूरे प्रदेश में एक साथ आयोजित किया गया
आंदोलन का पूरा कार्यक्रम
प्रदेश अध्यक्ष आनंद सिंह नयाल ने आंदोलन का ब्लूप्रिंट पेश किया:
- 08 अप्रैल: प्रदेशभर में जनजागरण अभियान
- 20–26 अप्रैल: जयपुर मुख्यालय पर क्रमिक धरना
- 27 अप्रैल से: अनिश्चितकालीन आमरण अनशन
राष्ट्रीय स्तर का समर्थन
इस आंदोलन को भारतीय मजदूर संघ और भारतीय परिवहन मजदूर महासंघ का समर्थन मिला है।
राष्ट्रीय पदाधिकारी भी आंदोलन में शामिल होंगे।
कर्मचारियों की चेतावनी
कर्मचारियों का कहना है कि:
- जब तक 14 सूत्रीय मांगें पूरी नहीं होतीं
- और निजीकरण का विरोध नहीं माना जाता
- तब तक आंदोलन जारी रहेगा
बड़ी संख्या में भागीदारी
प्रदर्शन में कई कर्मचारी नेता और बड़ी संख्या में कर्मचारी एवं महिला कर्मी मौजूद रहे, जिनमें प्रमुख रूप से:
- विजय सिंह चौहान
- अमित श्रीवास्तव
- उमेश दत्ता
- जितेंद्र पारीक
- बहादुर सिंह राठौड़
- सुनीता भाटी
- रेखा गुर्जर
- अहमद हुसैन आदि शामिल रहे
रोडवेज कर्मचारियों के इस आक्रामक रुख से आने वाले दिनों में परिवहन सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। यदि मांगों पर समाधान नहीं हुआ, तो 27 अप्रैल से प्रस्तावित आमरण अनशन बड़ा रूप ले सकता है।



















































