लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
सैन्य परंपरा, शौर्य और अत्याधुनिक स्वदेशी हथियारों का ऐतिहासिक प्रदर्शन
जयपुर। भारतीय सेना ने गुरुवार को जयपुर के जगतपुरा स्थित महल रोड पर 78वां सेना दिवस पूरे सैन्य गौरव, अनुशासन और भव्यता के साथ मनाया। यह पहली बार था जब सेना दिवस परेड किसी असैन्य क्षेत्र में आयोजित की गई। साथ ही यह चौथी बार रहा जब यह आयोजन दिल्ली से बाहर हुआ। राजस्थान को पहली बार इस ऐतिहासिक आयोजन की मेजबानी का अवसर मिला।

गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति
परेड में राज्यपाल हरिभाऊ किसनराव बागडे, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, मिजोरम के राज्यपाल जनरल (रि.) वीके सिंह, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान, सप्तशक्ति कमान के सेना कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मनजिंदर सिंह सहित अनेक सैन्य व नागरिक गणमान्य उपस्थित रहे।

थल सेनाध्यक्ष ने ली परेड की सलामी
थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने परेड का निरीक्षण कर सलामी ली। परेड का नेतृत्व दक्षिण पश्चिम कमान के चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल हरविंदर सिंह ने किया। इस वर्ष सेना दिवस की थीम “भारतीय सेना – शौर्य और बलिदान” रही।

स्वदेशी हथियार और नई तकनीक बनी आकर्षण का केंद्र
परेड में भारतीय सेना की स्वदेशी और आधुनिक सैन्य क्षमताओं का प्रभावशाली प्रदर्शन किया गया। प्रमुख रूप से प्रदर्शित हथियार प्रणालियों में शामिल रहे:
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ब्रह्मोस मिसाइल
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भीष्म और अर्जुन टैंक
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के-9 वज्र तोप
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पिनाका रॉकेट लॉन्चर


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नाग मिसाइल सिस्टम (NAMIS)
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ड्रोन शक्ति व ड्रोन जैमर तकनीक
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रोबोटिक म्यूल, स्वाथी वेपन लोकेटिंग रडार
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इलेक्ट्रिक ऑल-टेरेन व्हीकल व मोबाइल कम्युनिकेशन नोड
नवगठित भैरव बटालियन सहित भारतीय सेना की कुल 7 रेजीमेंट्स ने मार्च पास्ट में भाग लिया।
वीरता पुरस्कार विजेताओं की विशेष उपस्थिति
परेड में परमवीर चक्र, अशोक चक्र, महावीर चक्र, कीर्ति चक्र और वीर चक्र विजेता विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए।
5 शूरवीरों को मरणोपरांत सेना मेडल
ऑपरेशन ‘सिंदूर’ और अन्य अभियानों में अदम्य साहस के लिए
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सूबेदार मेजर पवन कुमार
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हवलदार सुनील कुमार सिंह
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लांस नायक दिनेश कुमार
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लांस नायक सुभाष कुमार
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लांस नायक प्रदीप कुमार
को मरणोपरांत सेना मेडल (गैलेंट्री) से सम्मानित किया गया।

सांस्कृतिक झलकियों ने बढ़ाया आयोजन का आकर्षण
राजस्थान की समृद्ध लोक संस्कृति को दर्शाती कच्छी घोड़ी, गैर, कालबेलिया, दंगल और भरतपुर की फूलों की होली की रंगीन झांकियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को दर्शाते हुए गर्ल्स एनसीसी टुकड़ी ने भी मार्च पास्ट किया। नेपाल आर्मी बैंड की भागीदारी ने भारत-नेपाल सैन्य संबंधों को रेखांकित किया।
हवाई करतब और फाइटर जेट्स की गर्जना
तीन चेतक हेलीकॉप्टरों द्वारा तिरंगे और संयुक्त सेनाध्वज के साथ पुष्पवर्षा की गई। अपाचे हेलीकॉप्टरों की फॉर्मेशन उड़ान, पैराट्रूपर्स के साहसिक करतब और समापन पर नाल एयरबेस से आए तीन जगुआर लड़ाकू विमानों की गर्जना ने पूरे माहौल को रोमांचक बना दिया।

बड़ी संख्या में नागरिक, वेटरन्स, युवा और छात्र-छात्राएं इस ऐतिहासिक आयोजन के साक्षी बने।

















































