लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
नवाचार, आधुनिक तकनीक और शोध आधारित खेती से मजबूत हो रही प्रदेश की कृषि : मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास
जयपुर | (आर.एन. सांवरिया)
प्रदेश के किसान केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ उठाकर कृषि क्षेत्र में नवाचार को अपना रहे हैं, जिससे उनकी आय में निरंतर वृद्धि हो रही है और आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो रही है। यह बात मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने राज्य कृषि अनुसंधान संस्थान (आरएआरआई), दुर्गापुरा, जयपुर के भ्रमण के दौरान कही।
मुख्य सचिव ने आरएआरआई परिसर, कृषि फील्ड एवं श्याम दुर्गापुरा क्षेत्र का दौरा कर कृषि क्षेत्र में हो रहे सकारात्मक एवं व्यापक परिवर्तनों की सराहना की। उन्होंने कहा कि आज का किसान तेजी से आधुनिक तकनीकों को अपना रहा है, जिससे राज्य सरकार की कृषि नीतियां धरातल पर प्रभावी रूप से लागू हो रही हैं। श्रीगंगानगर में स्थापित गाजर मंडी को उन्होंने किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में एक सफल और अनुकरणीय प्रयोग बताया।

प्रगतिशील किसानों से संवाद
श्याम ऑडिटोरियम में आयोजित संवाद कार्यक्रम में मुख्य सचिव ने प्रदेशभर से आए प्रगतिशील कृषकों एवं कृषि विभाग के अधिकारियों से संवाद किया। उन्होंने किसानों की सफलता की कहानियों, कृषि नवाचारों और जमीनी स्तर पर आ रही चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की तथा समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया।
ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट-2026 में भागीदारी का आह्वान
मुख्य सचिव ने किसानों से आगामी वर्ष आयोजित होने वाली ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट-2026 (ग्राम) में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि तीन दिवसीय इस राज्य स्तरीय आयोजन में 50 हजार से अधिक किसानों के भाग लेने की संभावना है। इस आयोजन का उद्देश्य कृषि में नवाचार, स्मार्ट फार्मिंग, आधुनिक तकनीकों के प्रसार और निवेश को प्रोत्साहित करना है, जिससे राजस्थान को कृषि निर्यात के क्षेत्र में अग्रणी बनाया जा सके।

किसानों के विदेश भ्रमण पर जोर
किसानों की क्षमता संवर्धन पर जोर देते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य सरकार के नॉलेज एन्हांसमेंट प्रोग्राम के तहत किसानों का एक दल पहले ही विदेश भ्रमण कर चुका है। शीघ्र ही दूसरा दल भी उन्नत कृषि तकनीकों का अध्ययन करने के लिए विदेश भेजा जाएगा, जिससे किसान अपनी उत्पादकता और आय में वृद्धि कर सकें।
उन्होंने प्रगतिशील किसानों से सरसों, जैविक खेती, जीरा, पानमेथी, ईसबगोल, अनार, सीताफल, आंवला, लहसुन, गाजर, शिमला मिर्च, गुलाब, औषधीय पौधों एवं मधुमक्खी पालन जैसे विषयों पर विस्तार से जानकारी ली।
कृषि अनुसंधान को किसान-केंद्रित बनाने पर बल
आरएआरआई भ्रमण के दौरान मुख्य सचिव ने खरीफ एवं रबी फसलों से जुड़े अनुसंधान परीक्षणों, प्रदर्शन इकाइयों, बीज उत्पादन प्रक्षेत्रों एवं प्रयोगशालाओं का निरीक्षण किया। वैज्ञानिकों ने उन्हें जलवायु परिवर्तन के अनुरूप विकसित किस्मों, उन्नत फसल प्रबंधन, समेकित कीट प्रबंधन, मृदा स्वास्थ्य सुधार और जल उपयोग दक्षता बढ़ाने वाली तकनीकों की जानकारी दी।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि कृषि अनुसंधान को अधिक व्यवहारिक, किसान-केंद्रित और क्षेत्रीय आवश्यकताओं के अनुरूप बनाया जाए। साथ ही अनुसंधान परिणामों को शीघ्र किसानों तक पहुँचाने के लिए कृषि विभाग, अनुसंधान संस्थानों एवं विस्तार तंत्र के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया। उन्होंने किसान प्रशिक्षण कार्यक्रमों, खेत स्तर पर प्रदर्शनों को सशक्त करने और गुणवत्तापूर्ण बीजों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
इस अवसर पर प्रमुख शासन सचिव कृषि एवं उद्यानिकी मंजू राजपाल, आयुक्त कृषि चिन्मयी गोपाल, आयुक्त उद्यानिकी शुभम चौधरी, कृषि विश्वविद्यालय जोबनेर के कुलगुरु डॉ. पुष्पेंद्र सिंह चौहान, निदेशक कृषि विपणन विभाग राजेश कुमार चौहान सहित कृषि एवं उद्यान विभाग के अधिकारी, आरएआरआई के वैज्ञानिक तथा प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए प्रगतिशील किसान उपस्थित रहे।












































