लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
भीलवाड़ा (पंकज पोरवाल)।
भीलवाड़ा में नवरात्रि के अवसर पर आयोजित गरबा महोत्सवों में इस बार सुरक्षा और पारंपरिक नियमों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के स्थानीय कार्यकर्ताओं ने आयोजन समितियों के साथ मिलकर पंडालों में सदस्य पहचान और पारंपरिक वेशभूषा को लेकर दिशा-निर्देश लागू किए हैं।
पंडालों में प्रवेश प्रक्रिया
इस वर्ष शहर के करीब 60 स्थानों पर गरबा महोत्सव आयोजित किए जा रहे हैं। इसके अलावा 12 से अधिक पंडालों में डांडिया वर्कशॉप भी चल रही है। आयोजन समितियों ने तय किया है कि पंडाल में आने वाले सभी प्रतिभागियों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए आधार कार्ड चेक और तिलक लगाने जैसे नियमों का पालन किया जाएगा।
बजरंग दल के महानगर संयोजक मुकेश प्रजापत, सह संयोजक पवन ठाकुर और प्रचार प्रसार प्रमुख विराट सोनी ने बताया कि संगठन के कार्यकर्ता पंडालों में पहुंचकर आयोजन व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर रहे हैं।
महिलाओं और पारंपरिक वेशभूषा पर जोर
आयोजन समिति की महिला सदस्य और पूर्व पार्षद खुशबू शुक्ला ने बताया कि वे महिलाओं को लगातार संदेश भेज रही हैं कि नवरात्रि में शालीन और पारंपरिक वेशभूषा में ही गरबा में शामिल हों।
बजरंग दल के नेता दाधीच ने बताया कि पंडालों में आने वाले सभी प्रतिभागियों का स्वागत पारंपरिक वेशभूषा में किया जाएगा। इसके साथ ही गंगाजल और गोमूत्र का छिड़काव कर पंडाल की पवित्रता बनाए रखी जाएगी।
आयोजन का उद्देश्य
संगठन और समितियों का कहना है कि इन नियमों का उद्देश्य सुरक्षा और पारंपरिक माहौल बनाए रखना है। पंडालों में उपस्थित श्रद्धालुओं ने इन प्रयासों को सराहा।
