लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
गौतम हॉस्पिटल एवं रिसर्च सेंटर में छात्रों ने पोस्टर के माध्यम से दी जानकारी
जयपुर | सिविल लाइंस
सिविल लाइंस स्थित गौतम हॉस्पिटल एवं रिसर्च सेंटर में विश्व ऑटिज्म दिवस के अवसर पर दो दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य ऑटिज्म के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाना और भ्रांतियों को दूर करना रहा।
विभिन्न विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों की भागीदारी
कार्यक्रम में एमिटी यूनिवर्सिटी, अपेक्स यूनिवर्सिटी और IIS यूनिवर्सिटी के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। विद्यार्थियों ने पोस्टर प्रेजेंटेशन के माध्यम से ऑटिज्म के कारण, लक्षण, निदान और उससे जुड़ी भ्रांतियों पर विस्तार से जानकारी दी।
ऑटिज्म पर विशेषज्ञों ने दी जानकारी
कार्यक्रम की शुरुआत में एमेरिटस प्रोफेसर डॉ. शिव गौतम ने बताया कि ऑटिज्म एक जन्मजात मानसिक विकार है और इसके प्रति जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विश्व ऑटिज्म दिवस के महत्व पर भी प्रकाश डाला।
लक्षणों और व्यवहार पर चर्चा
गौतम हॉस्पिटल एवं रिसर्च सेंटर के निदेशक डॉ. मनस्वी गौतम ने बताया कि ऑटिज्म से प्रभावित बच्चों में:
- सामाजिक कौशल का विकास सीमित होना
- संवाद में कठिनाई
- तेज आवाज, रोशनी या स्पर्श के प्रति संवेदनशीलता
- एक ही व्यवहार या शब्दों की पुनरावृत्ति
जैसे लक्षण देखने को मिलते हैं।
उपचार और प्रबंधन पर जानकारी
डॉ. अनिता गौतम ने ऑटिज्म के उपचार और प्रबंधन में उपयोगी विभिन्न थेरेपी के बारे में बताया और कहा कि सही समय पर पहचान और थेरेपी से बच्चों के विकास में सुधार संभव है।
कार्यक्रम का उद्देश्य
आयोजकों ने बताया कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं और समाज में ऑटिज्म के प्रति समझ विकसित करना और प्रभावित बच्चों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण बढ़ाना है।















































