लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
शाहपुरा। उपरेड़ा। क्षेत्र में पिछले करीब 10 वर्षों से राजकीय कॉलेज खोलने की मांग अब तक पूरी नहीं हो सकी है। स्थानीय ग्रामीणों, अभिभावकों और विद्यार्थियों ने कई बार जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के सामने कॉलेज की आवश्यकता को उठाया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है।
ग्रामीणों और मुबारिक खान मंसूरी का कहना है कि उपरेड़ा और आसपास के दर्जनों गांवों के छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए दूर-दराज के कस्बों और शहरों में जाना पड़ता है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बच्चों को बाहर पढ़ने भेजना मुश्किल होता है, जिसके चलते कई विद्यार्थियों की पढ़ाई बीच में ही छूट जाती है।
छात्राओं की पढ़ाई पर असर
विशेष रूप से छात्राओं को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। परिजनों की चिंता और परिवहन सुविधाओं की कमी के कारण कई बेटियों को 12वीं के बाद आगे पढ़ाई नहीं मिल पाती। ग्रामीणों का मानना है कि यदि उपरेड़ा में राजकीय कॉलेज खुल जाए तो क्षेत्र की शिक्षा स्तर में बड़ा सुधार हो सकता है।
कई बार सौंपे गए ज्ञापन
स्थानीय नागरिकों और छात्र संगठनों द्वारा समय-समय पर ज्ञापन सौंपे गए। चुनाव के दौरान भी जनप्रतिनिधियों ने कॉलेज खोलने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक जमीन आवंटन और स्वीकृति की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी है।
ग्रामीणों की चेतावनी
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कॉलेज की घोषणा नहीं की गई तो वे बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे। उनका कहना है कि शिक्षा क्षेत्र की प्राथमिक आवश्यकता है और इसे अनदेखा करना युवाओं के भविष्य के साथ अन्याय है।

















































