लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
जयपुर। उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने रविवार को जयपुर स्थित राजकीय सम्प्रेषण एवं किशोर गृह, राजकीय बालिका गृह गांधी नगर तथा राजकीय शिशु गृह गांधी नगर का निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने बच्चों के आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, सुरक्षा, कौशल विकास और पुनर्वास से जुड़ी व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य प्रत्येक बच्चे और किशोर को सुरक्षित, संवेदनशील एवं सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराना है, ताकि वे शिक्षा, संस्कार और आत्मविश्वास के साथ अपने भविष्य का निर्माण कर सकें।
दिया कुमारी ने बाल गृहों की भवन संबंधी स्थिति का भी निरीक्षण किया और जहां मरम्मत की आवश्यकता है, वहां शीघ्र कार्य कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकार इन कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर तेजी से आगे बढ़ा रही है।
उन्होंने बच्चों के कौशल विकास पर विशेष बल देते हुए कहा कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। साथ ही स्कूल जाने योग्य बच्चों का विद्यालयों में प्रवेश सुनिश्चित करने के प्रयास भी किए जा रहे हैं।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यदि कोई संस्था या उद्योग समूह कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के तहत बच्चों के विकास में सहयोग करना चाहता है, तो राज्य सरकार उसका स्वागत करेगी। उन्होंने समाज की भागीदारी को बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बताया।
निरीक्षण के दौरान दिया कुमारी ने बच्चों से संवाद भी किया और उनकी आवश्यकताओं की जानकारी ली। इसके बाद अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में शिक्षा, कौशल विकास, पुनर्वास और अन्य व्यवस्थाओं पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक के दौरान चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के संचालन की भी समीक्षा की गई और बच्चों की आपातकालीन सहायता सेवाओं की कार्यप्रणाली की जानकारी ली गई।
मीडिया से बातचीत में उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आंगनबाड़ी केंद्रों के सुदृढ़ीकरण के लिए गंभीरता से कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि पहली बार आंगनबाड़ी केंद्रों की मरम्मत के लिए अलग बजट उपलब्ध कराया गया है। जर्जर भवनों में संचालित केंद्रों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया गया है, जबकि मरम्मत योग्य भवनों में तेजी से कार्य कराया जा रहा है।