गरबा महोत्सव आपसी सद्भाव एवं भाईचारे के रंग भरते है: मेहरा
गरबा महोत्सव जीवन, एकता और परम्पराओं का उत्सव: माली
लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
भीलवाड़ा। (विनोद सेन) नवरात्री के अवसर पर जिला यूनेस्को एसोसिएशन द्वारा सामुहिक गरबा नृत्य को प्रोत्साहित करने की दृष्टि से ‘‘गरबा महोत्सव प्रतियोगिता-2024’’ का सम्मान समारोह आयोजित किया गया।
समारोह के मुख्य अतिथि अति. जिला कलक्टर ओमप्रकाश मेहरा ने अपने संबोधन में कहा कि त्यौहार महोत्सव हमारे जीवन में प्यार, मोहब्बत, आपसी सदभाव एवं भाईचारे के रंग भरते है। यह हमारे देश की महान प्राचीन सभ्यता, संस्कृति एवं परम्पराओं के परिचायक है। गरबा व त्योहार हमारे भारतीय संस्कृति की विरासत है, जिन्हें सहज कर रखना यूनेस्को के साथ-साथ हम सभी की सांझी जिम्मेदारी है। समारोह की अध्यक्षता करते हुए यूनेस्को के प्रदेश संयोजक गोपाल लाल माली ने कहा कि गरबा महोत्सव महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने में सहायक होते है। विशेषकर गरबा महोत्सव महिलाओं के साथ-साथ मां अम्बे का पर्व माना जाता है। यूनेस्को की गतिविधियों की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि गरबा महोत्सव जीवन, एकता और परम्पराओं का उत्सव है गरबा महोत्सव को यूनेस्को ने भी संस्कृत विरासत धरोहर के रूप में इसे शामिल किया, जो हमारी भारतीय संस्कृति की सुंदरता को दर्शाता है। विशिष्ट अतिथि के तौर पर यूनेस्को के जिलाध्यक्ष चेतन मानसिंहका, वरिष्ठ उपाध्यक्ष ललित अग्रवाल, कार्यकारी अध्यक्ष दिनेश जैन भी मंच पर उपस्थित थे।

सम्मान समारोह से पूर्व गरबा महोत्सव प्रतियोगिता में सामूहिक गरबा नृत्य में प्रथम रही महेश बचत एवं साख सेवा समिति द्वारा शारदार प्रस्तुति से सभी दर्शकों को ताली बजाने पर मजबूर कर दिया। अग्रवाल उत्सव सेवा समिति (नवयुवति), कांचीपुरम गु्रप द्वारा सामूहिक गरबा नृत्य व ब्रह्माकुमारी की महिलाओं ने नवरात्री के नौ दिनों में माता के नौ स्वरूपों की प्रस्तुति से सभी दर्शकों का मन मोहा। एकल नृत्य में जीनिषा अग्रवाल के नृत्य ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। वहीं युगल जोड़ों ने भी गरबा की एक से बढ़कर एक प्रस्तुति पेश की।
