Home crime निवाई में किन्नरों की पिटाई का वीडियो वायरल

निवाई में किन्नरों की पिटाई का वीडियो वायरल

0
लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
— दीपावली पर चंदा वसूली के विवाद ने लिया हिंसक रूप

कजोड़ गुर्जर की रिपोर्ट

निवाई (टोंक)।राजस्थान के टोंक ज़िले के निवाई मंडी क्षेत्र से एक शर्मनाक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें किन्नर समुदाय से जुडे लोगों को भीड़ द्वारा पीटते हुए देखा जा सकता है। बताया जा रहा है कि यह घटना दीपावली पर्व से पहले इनाम/दान के नाम पर ज़बरदस्ती पैसे मांगने को लेकर हुई कहासुनी के बाद बढ़ी।
घटना का विवरण
जानकारी के अनुसार, कुछ किन्नर दीपावली के मौके पर व्यापारियों से “त्योहार का इनाम” मांग रहे थे। कुछ दुकानदारों ने जब इसका विरोध किया, तो दोनों पक्षों के बीच झगड़ा हो गया। मौके पर मौजूद लोगों के मुताबिक, विवाद इतना बढ़ा कि कुछ लोगों ने किन्नरों के साथ हिंसक व्यवहार किया और उन्हें अपमानित किया। उनकी लाठियां से पिटाई की इसमें तीन-चार किन्नरों के चोटे आई है कुछ किन्नरों के कपड़े भी फट गए।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में मंडी परिसर में मारपीट और अफरा-तफरी का माहौल दिखाई दे रहा है।
 पुलिस जांच शुरू
वायरल वीडियो सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। निवाई थाना पुलिस ने कहा है कि “वीडियो की सत्यता और स्थान की पुष्टि की जा रही है। यदि किसी के साथ हिंसा या अपमान हुआ है तो दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।”
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बिना पुष्टि वाले वीडियो शेयर न करें और किसी भी समुदाय के प्रति नफरत या भेदभाव फैलाने से बचें।
 समाज में प्रतिक्रिया
कई नागरिकों ने इस घटना को “मानवता पर कलंक” बताया और कहा कि किसी भी व्यक्ति को अपमानित करना या पीटना अस्वीकार्य है। वहीं, व्यापारिक समुदाय का कहना है कि “किन्नरों द्वारा ज़ोर-जबरदस्ती से पैसे मांगने की प्रवृत्ति” भी नियंत्रण में लाई जानी चाहिए ताकि त्योहारों में शांति और सम्मान बना रहे।
⚖️ प्रशासन के लिए चुनौती
यह मामला प्रशासन के सामने दोहरी चुनौती लेकर आया है —
1. एक ओर, मानवाधिकार और संवेदनशीलता की रक्षा करना ज़रूरी है ताकि किसी भी व्यक्ति या समुदाय के साथ हिंसा न हो।
2. दूसरी ओर, ज़बरदस्ती वसूली या धमकाने जैसी घटनाओं पर भी नियंत्रण के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश बनाने की ज़रूरत है।
निवाई मंडी की यह घटना राजस्थान में सामाजिक सौहार्द और संवेदनशीलता के संतुलन पर गंभीर सवाल खड़े करती है। त्योहारों के अवसर पर सभी समुदायों से अपेक्षा है कि श्रद्धा और सम्मान के साथ-साथ कानून और व्यवस्था का भी ध्यान रखें।

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version