गौतमशर्मा
राजसमन्द।
स्टीकर लगाये पशु पालकों को समझाइश को लेकर ग्राम पंचायत को लिखे पत्र।
राजसमन्द जिले के कुंवारिया सड़क दुर्घटना में कमी लाने को लेकर तहसील क्षेत्र के टपरिया खेड़ी से लेकर भावा तक टोल कर्मचारी सड़कों पर बीचो-बीच बैठे रहने वाले सुने मवेशियों को एक तरफा करने पहुचे है ओर उन मवेशियों गले और सींगों पर रेडियम पट्टी लगाई गई है। टोल मैनेजर राकेश कुमार दायमा ने बताया कि कमर्चारी हर घण्टे में सड़क मार्ग पर गुमकर पैनी नजर रखे हुए है । इसको लेकर रूट ऑपरेशन मैनेजर पांचूराम द्वारा भी सड़क मार्ग के पास संबंधित ग्राम पंचायत के प्रशासक सरपंच को भी पत्र लिखा गया है।
पत्र में बताया कि वर्षा ऋतु में पशुओं को नियंत्रित रखने के लिए आप ग्राम पंचायत के द्वारा गांव के बेसहारा व सुने पशुओ की दिन प्रतिदिन राजमार्ग सड़क पर अत्यधिक वृद्धि हो रही है यह पशु पशुपालक अपने दूध का कामकाज निपटा के सड़कों पर सुने छोड़ देते हैं जिससे यह घटना घटित होती है हमें भी बड़ा दुख है कि गौ माता है उनके साथ कोई घटना नहीं घटे इसके लिए आप पंचायत द्वारा सभी पशुपालकों को पाबंद करें कि कोई सुने मवेशी सड़क पर नहीं छोड़े ताकि कोई घटना नहीं हो क्योंकि बारिश के दिनों में सड़के फीसस्लेंसी हो जाती हैं और दर्शित भी काम हो जाती है जिसे दुर्घटना की संभावना और बढ़ जाती हैं यदि समय रहते पशुओं को नियंत्रित किया गया तो स्थिति में सुधार हो सकता है ,सभी ग्राम पंचायत के सरपंच को पत्र भेज कर अपने क्षेत्र के पशुपालकों को अपने पशुओं को खुला न छोड़ने के लिए समझाईश करवाए ताकि राष्ट्रीय राजमार्ग और गांव की सड़क को सुरक्षित बनाया जा सके और आपकी सकारात्मक पहल से हमारे क्षेत्र में सड़क दुर्घटना में कमी आएगी और यातायात सुचारू रहेगा वही टोल कर्मचारियों ने टोल से लेकर मादड़ी की तरफ जाने वाले राजमार्ग के बीच में डिवाइडर पर लगे पौधों की भी कटिंग करना शुरू कर दिया है ताकि वाहनधारी और मवेशी भी सुरक्षित रहे टोल कर्मचरियों ने अभियान ओर तेज कर दिया है ताकि कोई सड़क दुर्घटना घटित नही हो।












































