टोल भुगतान सेंटरो को वाहन सेवाओं से जोड़ा, अब कोई कमी मिलने पर होगी कार्रवाई  

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लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क

*टोल बकाया पर अब होगी सख्तियां : वाहन ट्रांसफर, फिटनेस व परमिट पर लगेगी अब रोक केंद्र सरकार ने केंद्रीय मोटर वाहन नियमों में संशोधन कर टोल भुगतान को वाहन सेवाओं से जोड़ा*  

क्राईम रिपोर्टर : सत्यनारायण चांदा 

चाकसू, जयपुर । चाकसू  यहां राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल प्लाजा पर उपयोगकर्ता शुल्क भुगतान के अनुपालन को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने ‘केंद्रीय मोटर वाहन (द्वितीय संशोधन) नियम, 2026’ अधिसूचित किया हैं। और इसके तहत केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 में बड़े बदलाव किए गए हैं। वही सरकार का उद्देश्य इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाना और टोल चोरी पर रोक लगाना तथा राष्ट्रीय राजमार्गों पर पारदर्शी टोलिंग व्यवस्था सुनिश्चित करना है। टोल बकाया वाहन सेवाओं पर रोक शिवदासपुरा बरखेड़ा-चंदलाई टोल प्लाजा कंपनी के डीजीएम राहुल फर्थड़े एवं लाइजिंग मैनेजर अरविंद गौतम ने बताया कि संशोधित नियमों में ‘अदा किए गए उपयोगकर्ता शुल्क’ की नई परिभाषा जोड़ी गई है। इसके अनुसार, यदि ईटीसी प्रणाली में वाहन का गुजरना दर्ज है, लेकिन राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम, 1956 के तहत देय शुल्क प्राप्त नहीं हुआ है, तो उसे बकाया उपयोगकर्ता शुल्क माना आईआरबी जायेगा वहीं नए प्रावधानों के तहत बकाया टोल भुगतान को वाहन संबंधी सेवाओं से जोड़ दिया गया है।

टोल  को  एनओसी  फिटनेस  प्रमाण पत्र सहित कई सेवाओं  से  जोड़ा 

अब वाहन का स्वामित्व हस्तांतरण, एक राज्य से दूसरे राज्य में वाहन ट्रांसफर के लिए एनओसी, फिटनेस प्रमाण पत्र का नवीनीकरण/जारीकरण तब तक संभव नहीं होगा, जब तक बकाया उपयोगकर्ता शुल्क का भुगतान फॉर्म-28 में भी बड़ा बदलाव फॉर्म-28 में संशोधन के अनुसार, अब आवेदकों को वाहन के विरुद्ध किसी भी लंबित टोल बकाया की जानकारी देना अनिवार्य होगा।

डिजिटल प्रक्रियाओं को बढ़ावा देते हुए यह फॉर्म अब ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक रूप से जारी किया जायेगा और वही मल्टी-लेन फ्री फ्लो को मिलेगा बल 11 जुलाई 2025 को राजपत्र में मसौदा नियम प्रकाशित कर जनता से सुझाव मांगे गए थे। वही प्राप्त सुझावों पर विचार के बाद सरकार ने नियमों को अंतिम रूप दिया। ये संशोधन एनएचएआई को मल्टी- लेन फ्री फ्लो (एमएलएफएफ) प्रणाली लागू करने तथा राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क के सतत विकास में सहायक सिद्ध होंगे। नहीं किया जाता है और साथ ही राष्ट्रीय परमिट के लिए आवेदन करने वाले वाणिज्यिक वाहनों के लिए यह अनिवार्य कर दिया गया है कि वाहन पर कोई भी टोल बकाया नहीं होगा ।

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