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सिरोही 7 करोड़ की लागत से बने कॅालेज में जान जोखिम में डालकर पहुंचते है स्टूडेंटस

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लोक टुडे न्यूज नेटवर्क

7 करोड़ में बना कॉलेज, लेकिन जान हथेली पर रखकर आते हैं छात्र – नाले के कहर से दहशत में छात्र-छात्राएँ

सिरोही – तुषार पुरोहित ब्यूरो चीफ
राजकीय विधि महाविद्यालय सिरोही में शिक्षा अब संघर्ष बन चुकी है। बारिश का मौसम आते ही महाविद्यालय के पीछे बहता हुआ नाला छात्रों के लिए जानलेवा संकट खड़ा कर देता है। इस नाले की रफ्तार इतनी तेज़ हो चुकी है कि 800 मीटर तक इसका विकराल बहाव फैला हुआ है। नाले का पानी अब घुटनों से ऊपर बहने लगा है, और छात्र-छात्राएँ एक-दूसरे का हाथ पकड़कर, अपनी जान जोखिम में डालकर कॉलेज पहुँच रहे हैं।

यह स्थिति तब और शर्मनाक हो जाती है जब यह पता चलता है कि इस कॉलेज के निर्माण पर 7 करोड़ रुपये खर्च किए गए, लेकिन कॉलेज तक सुरक्षित पहुँचने के लिए कोई सड़क, पुलिया या रास्ता नहीं बनाया गया।

कॉलेज प्रशासन और छात्रों द्वारा कई बार विधायक और जिला प्रशासन को लिखित और मौखिक रूप से सूचित किया गया, लेकिन हर बार जवाब सिर्फ आश्वासन ही मिला।

– समाधान नहीं।
छात्रों में आक्रोश:

कॉलेज बंद करने की चेतावनी
छात्रों का कहना है कि अगर जल्दी इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया, तो वे कॉलेज को अनिश्चितकाल के लिए बंद करने को मजबूर होंगे। साथ ही, वे विधायक और प्रशासन के घर का घेराव करने तक की चेतावनी दे चुके हैं। यह अब सिर्फ एक अव्यवस्था नहीं बल्कि छात्रों की जान की सीधी अनदेखी है।

क्या प्रशासन किसी बड़ी दुर्घटना का इंतज़ार कर रहा है?

तेज़ बारिश के कारण हर दिन पानी का बहाव और विकराल रूप धारण कर रहा है। यदि जल्द कार्यवाही नहीं की गई, तो कभी भी बड़ी दुर्घटना घट सकती है। सवाल यह है कि छात्रों की जान की जिम्मेदारी कौन लेगा?
अब छात्र मांग कर रहे हैं:
कॉलेज तक पक्की सड़क और पुलिया का निर्माण तुरंत शुरू हो।
बारिश के समय अस्थाई बांस-बोरी या पुल की व्यवस्था हो।
ज़िला कलेक्टर और विधायक को मौके पर आकर स्थिति का निरीक्षण करना चाहिए।
यह कोई छोटा मुद्दा नहीं – यह शिक्षा और जीवन दोनों की सुरक्षा का प्रश्न है।
अब इंतज़ार नहीं… अब समाधान चाहिए! छात्रों का कहना है कि बार-बार जिला प्रशासन और विधायक को कहने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ।

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