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श्रीमद्भागवत कथा में भीष्म पितामह के आदर्श जीवन चरित्र का हुआ वर्णन

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लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क

श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण से गूंजा कथा पंडाल

नागौर | प्रदीप कुमार डागा

नागौर स्थित श्री माहेश्वरी पंचायत पोल में आयोजित श्री विष्णु महायज्ञ एवं श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव के दूसरे दिन श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथा व्यास दंडी स्वामी श्री ब्रह्मानन्द सरस्वती जी महाराज ने महाभारत के महान योद्धा एवं धर्म के प्रतीक भीष्म पितामह के जीवन चरित्र का अत्यंत मार्मिक एवं प्रेरणादायी वर्णन किया।

महाराज श्री ने कथा में बताया कि भीष्म पितामह ने अपने जीवन में सत्य, त्याग, तपस्या और धर्म का पालन करते हुए आदर्श जीवन जीने का संदेश दिया। उन्होंने आजीवन ब्रह्मचर्य का पालन कर अपने पिता की प्रतिज्ञा निभाई और राष्ट्र एवं परिवार के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया।

स्वामी ब्रह्मानन्द सरस्वती जी ने कहा कि भीष्म पितामह का जीवन हमें यह शिक्षा देता है कि व्यक्ति को हर परिस्थिति में धर्म और सत्य का साथ नहीं छोड़ना चाहिए।

कथा के दौरान महाभारत के विभिन्न प्रसंगों का वर्णन करते हुए उन्होंने बताया कि भीष्म पितामह केवल महान योद्धा ही नहीं, बल्कि उच्च कोटि के ज्ञानी, नीति के ज्ञाता और भगवान श्रीकृष्ण के परम भक्त भी थे। उनके उपदेश आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं।

भीष्म पितामह की सजीव झांकी ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। कथा पंडाल “राधे-राधे” और “जय श्री कृष्ण” के जयकारों से गूंज उठा। कथा स्थल को आकर्षक धार्मिक सजावट से सजाया गया है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा श्रवण के लिए पहुंच रहे हैं। महिलाओं, युवाओं एवं बुजुर्गों में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है।

कथा के साथ भजन-कीर्तन एवं धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जा रहा है, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय बना हुआ है।

आयोजक केशव चांडक ने बताया कि यह श्रीमद्भागवत कथा 24 मई तक आयोजित की जाएगी। सोमवार से शनिवार तक कथा का समय दोपहर 3:00 बजे से शाम 6:30 बजे तक तथा रविवार को प्रातः 9:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक रहेगा। उन्होंने अधिक से अधिक धर्मप्रेमी बंधुओं से कथा में पहुंचकर धर्म लाभ लेने की अपील की।

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