लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
मेडिकल स्टोर बंद, प्रधानमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
भरतपुर |
भरतपुर जिले में ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में आज जिलेभर के केमिस्ट और दवा विक्रेता एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल पर रहे। इस दौरान सभी मेडिकल स्टोर बंद रखे गए और दवा व्यापारियों ने विरोध दर्ज कराया।
यह आंदोलन ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) और राजस्थान राज्य केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन के आह्वान पर आयोजित किया गया। हड़ताल के दौरान व्यापारियों ने प्रशासन के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम ज्ञापन भी सौंपा।
ऑनलाइन दवा बिक्री पर रोक की मांग
केमिस्टों ने आरोप लगाया कि बिना स्पष्ट वैधानिक प्रावधान के ऑनलाइन दवाओं की बिक्री की जा रही है, जिससे जनस्वास्थ्य और मरीजों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो रहा है। उनका कहना है कि कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म बिना डॉक्टर की सलाह, फर्जी ई-प्रिस्क्रिप्शन के आधार पर दवाओं की होम डिलीवरी कर रहे हैं।
नियमों के दुरुपयोग का आरोप
ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट 1940 और नियम 1945 के तहत ऑनलाइन दवा बिक्री को लेकर स्पष्ट प्रावधान नहीं है, इसके बावजूद कई कंपनियां लंबे समय से ई-फार्मेसी के रूप में कारोबार कर रही हैं। साथ ही GSR 817(E) और कोविड काल की GSR 220(E) अधिसूचनाओं के दुरुपयोग का आरोप लगाया गया।
छोटे व्यापारियों को नुकसान का दावा
केमिस्टों ने कहा कि ऑनलाइन कंपनियां भारी छूट (deep discounting) और आक्रामक मूल्य निर्धारण (predatory pricing) के जरिए छोटे लाइसेंसधारी मेडिकल स्टोर संचालकों के व्यापार को नुकसान पहुंचा रही हैं।
सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग
व्यापारियों ने मांग की कि अवैध ऑनलाइन दवा बिक्री पर तुरंत रोक लगाई जाए, बिना सत्यापित ई-प्रिस्क्रिप्शन के होम डिलीवरी पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए और संबंधित अधिसूचनाओं को वापस लिया जाए।
उन्होंने कहा कि कोविड महामारी के दौरान भी केमिस्टों ने दवा आपूर्ति व्यवस्था को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, इसलिए सरकार को छोटे व्यापारियों और आम मरीजों के हितों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।