लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
युवाओं के मुद्दे पर घमासान
नई दिल्ली। छात्रों पर कथित लाठीचार्ज के विरोध में सोमवार को संसद परिसर सियासी रणभूमि में बदल गया। सांसद चंद्रशेखर आज़ाद ‘रावण’ संसद में डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के सामने अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं की आवाज़ को दबाने के लिए लोकतांत्रिक विरोध का दमन कर रही है।
हनुमान बेनीवाल ने की छात्रों पर लाठी चार्ज की निंदा
चंद्रशेखर आज़ाद के धरने को राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांसद हनुमान बेनीवाल ने खुला समर्थन दिया। बेनीवाल ने कहा कि “युवाओं पर लाठी बरसाकर सरकार अपनी नाकामी छिपाना चाहती है। लोकतंत्र में सवाल पूछने वालों को डराया नहीं जा सकता। जितना दमन होगा, उतना बड़ा आंदोलन खड़ा होगा।”
राजकुमार रोत ने लगाया आंदोलन कुचलना का आरोप
धरने में भारत आदिवासी पार्टी (BAP) के सांसद राजकुमार रोत भी शामिल हुए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की मांगें सुनने के बजाय आंदोलन को कुचलने की कोशिश कर रही है। रोत ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार सामने आ रहे पेपर लीक और अनियमितताओं ने लाखों युवाओं का भविष्य दांव पर लगा दिया है। उन्होंने दोषियों पर सख्त कार्रवाई और जवाबदेही तय करने की मांग की।
दबाव के चलते मोदी पेपर लीक के दोषियों को बक्सा नहीं जाएगा
इस बीच, बढ़ते राजनीतिक दबाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एनडीए संसदीय दल की बैठक में कहा कि पेपर लीक के मामलों में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने विपक्ष से इस मुद्दे पर राजनीति नहीं करने की अपील भी की।
संसद से सड़क तक छिड़े इस टकराव ने देश की राजनीति को गर्मा दिया है। विपक्ष इसे युवाओं के अधिकारों और लोकतांत्रिक आवाज़ का मुद्दा बता रहा है, जबकि सरकार दोषियों पर कार्रवाई का भरोसा दे रही है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि सरकार विपक्ष की मांगों पर क्या कदम उठाती है और छात्रों के आंदोलन का आगे क्या रुख रहता है।