रैगर समाज की महिलाओं का प्रतिभा सम्मान समारोह सम्मान सम्पन्न

0
535
- Advertisement -
रैगर समाज की महिलाओं का प्रथम सम्मेलन 

लोक टुडे न्यूज नेटवर्क

जयपुरअखिल भारतीय रैगर महासभा, महिला प्रकोष्ठ, राजस्थान के तत्वावधान में रविवार को दुर्गापुरा स्थित “सियाम” राज्य कृषि प्रबंध संस्थान सभागार में रैगर समाज की महिलाओं का प्रथम सम्मेलन एवं प्रतिभा सम्मान समारोह गरिमामय माहौल में सम्पन्न हुआ।
महासभा की प्रदेश अध्यक्ष (महिला) एवं कार्यक्रम संयोजक तारा बेनीवाल ने बताया कि सम्मेलन में देशभर से रैगर समाज की महिलाओं की व्यापक भागीदारी रही। इस अवसर पर महिलाओं की समाज और राष्ट्र निर्माण में भूमिका, संगठन की भावना, सामाजिक-आर्थिक-सांस्कृतिक एवं राजनीतिक क्षेत्रों में सक्रिय भागीदारी, सामाजिक कुरीतियों का उन्मूलन तथा पारिवारिक सुसंस्कारों के संवर्धन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
इस सम्मेलन की विशेष पहल दहेजमुक्त विवाह परंपरा को बढ़ावा देना रही। इस दौरान उन विवाहित जोड़ों को मंच पर सम्मानित किया गया जिन्होंने बिना दहेज लिए विवाह किया है। साथ ही उपस्थित सभी लोगों को संकल्प भी दिलाया गया कि वे अपने पुत्र-पुत्री का विवाह बिना दहेज करेंगे और इस परंपरा को समाज में आगे बढ़ाएँगे।
प्रतिभाओं का हुआ सम्मान
सम्मेलन में समाज की प्रतिभाशाली विभूतियों को भी सम्मानित किया गया। इसमें बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने वाली 43 छात्राएँ, अखिल भारतीय व राज्य सेवा में चयनित 17 युवा, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के 22 खिलाड़ी, तथा आयोजन में सहयोग करने वाले 21 दानदाता शामिल रहे।
विशिष्ट उपस्थिति
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजस्थान विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता टीका राम जूली रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सेवानिवृत्त आईएएस बी.एल. नवल ने की।
पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. एस.के. मोहनपुरिया विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
अति विशिष्ट अतिथियों में विधायक निवाई रामसहाय वर्मा, पूर्व कैबिनेट मंत्री शकुंतला रावत एवं पूर्व विधायक गंगादेवी की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।
आयोजन टीम
आयोजन टीम में नीरज कुमार तोणगरिया (राष्ट्रीय महासचिव एवं संयोजक), शकुंतला दयानन्द सक्करवाल (सह-संयोजक), डॉ. कविता खोरवाल एवं ललितादेवी ने सक्रिय भूमिका निभाई।
कार्यक्रम के सफल आयोजन ने रैगर समाज में महिला सशक्तिकरण, सामाजिक एकजुटता और दहेजमुक्त विवाह आंदोलन को नई ऊर्जा प्रदान की।
- Advertisement -

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here