लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
पादूकलां। पवित्र रमजान माह के दूसरे जुम्मे पर शुक्रवार को कस्बे और आसपास के ग्रामीण अंचल में आस्था, अनुशासन और भाईचारे का अनुपम दृश्य देखने को मिला। जुम्मे की नमाज के दौरान मस्जिदों में नमाजियों की भारी भीड़ उमड़ी और सैकड़ों रोजेदारों ने देश में अमन-चैन, खुशहाली और तरक्की की दुआ मांगी।
नमाज के समय मस्जिदों के भीतर और बाहर अकीदतमंदों की कतारें नजर आईं। कस्बे की प्रमुख मस्जिदों — मदीना मस्जिद, नूरानी मस्जिद और कादरी मस्जिद — में सुबह से ही विशेष तैयारियां की गई थीं। नमाज से पहले खुतबा पढ़ा गया, जिसमें रमजान की फजीलत, सब्र, संयम, आपसी सौहार्द और जरूरतमंदों की मदद का संदेश दिया गया।
इसके बाद जुम्मे की नमाज अदा की गई। धार्मिक विद्वानों ने बताया कि रमजान आत्मशुद्धि और इबादत का महीना है। इस पवित्र माह में 5 वर्ष के बच्चों से लेकर 80 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्ग भी रोजा रखकर इबादत में जुटे हैं। मस्जिदों में नमाज शांतिपूर्ण और अनुशासित वातावरण में संपन्न हुई।
नमाज के बाद मुस्लिम समुदाय के लोगों ने देश में शांति, सद्भाव और समृद्धि की कामना करते हुए विशेष दुआ की। रमजान माह में रोजाना तरावीह और इबादत का सिलसिला जारी है, जिससे पूरे कस्बे में आध्यात्मिक वातावरण बना हुआ है।
