रामपुरा आगुचा खदान में दो नए स्लोप स्टेबिलिटी रडार यूनिट्स की स्थापना

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लोक टुडे न्यूज नेटवर्क 

जोखिमों का पहले ही लग सकेगा पता, सुरक्षित और बेहतर परिचालन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

भीलवाड़ा (पंकज पोरवाल)।
हिंदुस्तान जिंक की रामपुरा आगुचा माइन के ओपन पिट में दो नए स्लोप स्टेबिलिटी रडार (SSR) यूनिट्स सफलतापूर्वक स्थापित किए गए हैं। यह माइन में स्लोप मॉनिटरिंग फ्रेमवर्क को और मजबूत बनाने वाला कदम है, जो ऑपरेशनल सेफ्टी के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

इन नई प्रणालियों का उद्घाटन डॉ. आई. सत्यनारायण, डायरेक्टर ऑफ माइन्स सेफ्टी, डीजीएमएस (अजमेर क्षेत्र) और दिनेश कुमार मीणा, डिप्टी डायरेक्टर ऑफ माइन्स सेफ्टी, डीजीएमएस (अजमेर क्षेत्र) ने किया। इस अवसर पर राम मुरारी (आईबीयू-सीईओ, आगुचा), वेकेश चित्तौड़ा (यूनिट हेड, रामपुरा माइन), बसंत किशोर महंत (माइन मैनेजर) और एम.के. सोनी (महामंत्री, रामपुरा आगुचा खान मजदूर संघ) मौजूद रहे।


सुरक्षा और दक्षता में बढ़ोतरी

ये अत्याधुनिक सिस्टम वास्तविक समय (Real-time) में स्लोप मूवमेंट की सटीक निगरानी प्रदान करते हैं। इसके जरिए:

  • जोखिमों का पहले ही पता लग सकेगा और समय पर प्रबंधन संभव होगा।

  • स्वचालित अलर्ट क्षमताओं के चलते सुरक्षित संचालन सुनिश्चित होगा।

  • डेटा-आधारित निर्णय लेने में मदद मिलेगी।


एसएसआर यूनिट्स की मुख्य विशेषताएँ

  • ढलान की स्थिति की 24 घंटे ट्रैकिंग

  • 270° हॉरिजॉन्टल और 110° वर्टिकल रेंज के साथ व्यापक स्कैनिंग क्षमता।

  • 0.1 मिमी तक की हलचल का पता लगाने में सक्षम उच्च सटीकता।

  • 30 मीटर से 3.5 किमी तक की दूरी कवर करने की क्षमता।

  • बारिश, कोहरा और कम दृश्यता में भी सभी मौसम में विश्वसनीय प्रदर्शन।


इन नई इकाइयों के जुड़ने से कंपनी के समग्र स्लोप मॉनिटरिंग नेटवर्क को और मजबूती मिली है। स्वचालित नोटिफिकेशन सिस्टम के चलते यह किसी भी संभावित खतरे का समय रहते पता लगाने और प्रबंधन सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाएगा।

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