लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
भीलवाड़ा। (पंकज पोरवाल) शहर के रामद्वारा में संजय कॉलोनी निवासी सामरिया परिवार द्वारा आयोजित श्रीमद् भागवत कथा ज्ञानयज्ञ का द्वितीय दिवस शनिवार को भक्तिमय माहौल में संपन्न हुआ। कथा वाचक रामस्नेही संत हरशुकराम ने कथा में राजा परीक्षित जन्म, सृष्टि की उत्पत्ति और कपिल अवतार का भावपूर्ण वर्णन किया।
भव्य कलश शोभायात्रा निकली
आयोजक परिवार के रतनलाल सामरिया ने बताया कि शुक्रवार को कथा प्रारंभ से पूर्व एक भव्य कलश यात्रा का आयोजन किया गया।
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यात्रा संत निवास रामद्वारा परिसर से प्रारंभ होकर गेस्ट हाउस चौराहा होते हुए कथा स्थल रामद्वारा मुख्य द्वार तक पहुंची।
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इस यात्रा में सिर पर 51 मंगल कलश धारण किए महिलाएं भक्ति गीतों की मधुर धुनों पर थिरकती नजर आईं।
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बैंड-बाजों और पुष्प वर्षा के साथ निकली इस दिव्य यात्रा ने पूरे वातावरण को भक्ति रस से सराबोर कर दिया।
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भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों से पूरा क्षेत्र गुंजायमान हो उठा।

संत हरशुकराम का प्रवचन
कथा वाचक संत हरशुकराम ने प्रथम दिन की कथा में भागवत महात्म्य का सारगर्भित वर्णन किया। उन्होंने कहा कि:
“मनुष्य का जीवन प्रतिक्षण परमात्मा से ही संचालित है। भगवान की सहायता के बिना एक क्षण भी मानव जीवित नहीं रह सकता।”
उन्होंने भगवान के स्वरूप, कार्य और स्वभाव का सुंदर परिचय कराते हुए भागवत कथा का महत्व स्पष्ट किया।
आरती एवं आयोजन
कथा के प्रारंभ में आयोजक परिवार के रतनलाल, श्रवण कुमार, अशोक कुमार, गोपाल, संजय, राजकुमार एवं कपिल कुमार सामरिया ने आरती कर कथा का शुभारंभ किया।
कथा का समय
यह कथा प्रतिदिन प्रातः 9:00 बजे से दोपहर 12:15 बजे तक आयोजित की जाएगी, जिसमें श्रद्धालु श्रीमद् भागवत के विभिन्न भक्तिमय प्रसंगों का रसपान कर सकेंगे।