लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
जयपुर – मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि अधिवक्ता न केवल वकालत करते हैं, बल्कि मौलिक अधिकारों के रक्षक और लोकतंत्र के प्रहरी भी हैं। उन्होंने राजस्थान हाईकोर्ट बार एसोसिएशन जयपुर के शपथ ग्रहण एवं स्वर्ण जयंती समारोह में कहा कि अधिवक्ताओं का राष्ट्र निर्माण में अहम योगदान है और बिना त्वरित न्याय के विकास अधूरा है।
मुख्यमंत्री ने अधिवक्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि भारत के स्वतंत्रता आंदोलन और संविधान निर्माण में अधिवक्ताओं की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। राजस्थान में 50 वर्षों में बार एसोसिएशन ने अनेक कीर्तिमान स्थापित किए हैं। उन्होंने न्याय व्यवस्था के आधुनिककरण पर जोर देते हुए बताया कि तीन नए कानून – भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम – को राजस्थान में तेजी से लागू किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 42 नए न्यायालय स्थापित किए गए हैं और फास्ट ट्रैक कोर्ट्स, विशेष अदालतों एवं ई-कोर्ट सुविधाओं के माध्यम से न्याय सेवा का विस्तार किया जा रहा है। दूरदराज के गांवों तक न्याय पहुँचाने के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, ऑनलाइन केस फाइलिंग और ई-पेमेंट जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं।
साथ ही, मुख्यमंत्री ने राजस्थान हाईकोर्ट जयपुर पीठ की नवनिर्मित अंडरग्राउंड वाहन पार्किंग का लोकार्पण भी किया।
इस अवसर पर कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजीव प्रकाश शर्मा, गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म, न्यायमूर्ति अनिल कुमार उपमन, महाधिवक्ता राजेन्द्र प्रसाद, चेयरमैन बार काउंसिल भुवनेश शर्मा सहित राजस्थान हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की नवीन कार्यकारिणी और बड़ी संख्या में अधिवक्तागण उपस्थित रहे।















































