लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
कृषि, पशुपालन, जल प्रबंधन और नवीकरणीय ऊर्जा में साझेदारी पर हुआ विचार-विमर्श
डेनमार्क । किसानों की क्षमता वृद्धि और तकनीकी नवाचारों को समझने के उद्देश्य से डेनमार्क दौरे पर पहुंचे राजस्थान अध्ययन दल ने भारतीय राजदूत मनीष प्रभात से शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान राजस्थान और डेनमार्क के बीच कृषि, पशुपालन, जल प्रबंधन और ग्रामीण विकास के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विस्तृत चर्चा हुई।
दौरे का उद्देश्य
यह दौरा नॉलेज एनहांसमेंट प्रोग्राम के तहत किया जा रहा है। दल में तीन मंत्री —
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जोराराम कुमावत (पशुपालन मंत्री),
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ओटा राम देवासी (पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री),
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जवाहर सिंह बेढम (पशुपालन राज्य मंत्री) —
के नेतृत्व में 38 प्रगतिशील किसान और विभागीय अधिकारी शामिल हैं।
साझेदारी के नए आयाम
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डेनमार्क की उन्नत कृषि और पशुपालन तकनीकों की जानकारी साझा की गई।
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डेयरी प्रबंधन, जल संरक्षण और नवीकरणीय ऊर्जा में सहयोग के अवसरों पर चर्चा।
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तकनीकी विशेषज्ञता को राजस्थान के कृषि क्षेत्र में अपनाने की संभावनाओं पर विचार।
️ राजदूत का संदेश
मनीष प्रभात ने कहा कि डेनमार्क की तकनीकी विशेषज्ञता राजस्थान जैसे राज्य में कृषि और पशुपालन क्षेत्र को नई दिशा दे सकती है। उन्होंने भारत-डेनमार्क साझेदारी को मजबूत करने पर जोर दिया।
️ रात्रि भोज और संवाद
भारतीय दूतावास की ओर से अध्ययन दल को रात्रि भोज पर आमंत्रित किया गया, जहां प्रवासी भारतीयों और दल के सदस्यों के बीच सहयोग के संभावित क्षेत्रों पर चर्चा हुई।
दल में शामिल प्रमुख सदस्य
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किसान आयोग अध्यक्ष सी आर चौधरी
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पशुपालन विभाग शासन सचिव समित शर्मा
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कृषि विभाग शासन सचिव राजन विशाल
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9 अधिकारी और 38 किसान व पशुपालक


















































