लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
सिरोही।
पिण्डवाड़ा क्षेत्र में प्रस्तावित खनन परियोजनाओं के खिलाफ ग्रामीणों का विरोध लगातार तेज़ होता जा रहा है। शनिवार को क्षेत्र के ग्रामीणों ने भारतीय आदिवासी पार्टी (BAP) के सांसद राजकुमार रोत को ज्ञापन सौंपकर तीन प्रमुख खनन परियोजनाओं को निरस्त करने की मांग की।
⚒️ कमलेश मेटाकास्ट की खनन परियोजना के खिलाफ विरोध
ग्रामीणों ने सांसद रोत को सौंपे ज्ञापन में बताया कि मेसर्स कमलेश मेटाकास्ट प्राइवेट लिमिटेड द्वारा क्षेत्र में लगभग 800.9935 हेक्टेयर भूमि पर प्रस्तावित चूना पत्थर खनन परियोजना स्थानीय पर्यावरण, जल स्रोतों और कृषि पर गंभीर प्रभाव डालेगी।
ग्रामीणों का कहना है कि इस परियोजना से आसपास के गांवों का जीवन-यापन प्रभावित होगा और प्राकृतिक संतुलन बिगड़ जाएगा। उन्होंने सांसद से मांग की कि इस परियोजना को तत्काल निरस्त करवाया जाए।
मोरस क्षेत्र की कैल्साइट माइंस पर भी विरोध की गूंज
इसी क्रम में मोरस क्षेत्र के ग्रामीणों ने भी सांसद को ज्ञापन सौंपकर क्षेत्र में प्रस्तावित कैल्साइट खनन परियोजना को रद्द करने की मांग की।
ग्रामीणों का कहना था कि खनन से पर्यावरण को नुकसान के साथ-साथ ग्रामीणों की आजीविका के स्रोत भी प्रभावित होंगे।
टाइगर रिजर्व के कोर-जोन में वनखंडों को शामिल करने पर आपत्ति
ग्रामीणों ने सांसद को तीसरा ज्ञापन सौंपते हुए मालप, घरट, ठंडीवेरी, मोरस, वरली और पहाड़कलां के वनखंडों को प्रस्तावित कुंभलगढ़ टाइगर रिजर्व के कोर एवं बफर जोन में शामिल करने के निर्णय का विरोध किया।
ग्रामीणों का कहना है कि इससे क्षेत्र के लोगों को विस्थापन का खतरा है और उनके पारंपरिक वनाधिकार समाप्त हो जाएंगे।
️ सांसद राजकुमार रोत बोले — “नहीं होने देंगे क्षेत्रवासियों के साथ अन्याय”
पिण्डवाड़ा क्षेत्र के वाटेरा, भीमाना, भारजा, रोहिड़ा समेत करीब एक दर्जन गांवों के प्रतिनिधियों से मिलने के बाद सांसद राजकुमार रोत ने कहा,
“क्षेत्र की जनता को एकजुट रहना होगा। यह लड़ाई लंबी है, तोड़ने की कोशिशें होंगी, लेकिन एकता ही हमारी ताकत है। किसी भी हाल में क्षेत्रवासियों के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।”
सांसद ने बताया कि BAP पार्टी के विधायक इस मुद्दे को राजस्थान विधानसभा में मजबूती से उठाएंगे, वहीं वह स्वयं इस विषय को लोकसभा में उठाएंगे।

️ सरकार पर साधा निशाना
सांसद रोत ने केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा —
“डबल इंजन की भाजपा सरकार विकास के नाम पर आदिवासियों को बेघर कर रही है। ऐसा विकास किस काम का, जो इंसान से उसकी जमीन और अस्तित्व छीन ले?”
उन्होंने कहा कि यदि क्षेत्र के अन्य नेता जनता के साथ नहीं खड़े होंगे, तो BAP पार्टी अकेले जनता की आवाज़ बनेगी और इस लड़ाई को मजबूती से आगे बढ़ाएगी।

















































