लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
नागौर | (प्रदीप कुमार डागा) राज्य सरकार एवं मुख्यमंत्री कार्यालय के निर्देशों की पालना में रविवार को नागौर जिले में पीएचईडी विभाग के हैण्डपम्पों एवं पेयजल स्त्रोतों का जिला कलक्टर, मुख्य कार्यकारी अधिकारी सहित सभी उपखंड अधिकारियों एवं तहसीलदारों द्वारा आकस्मिक निरीक्षण किया गया।
जिला कलक्टर देवेंद्र कुमार ने श्री बालाजी स्थित गौशाला एवं वीर हनुमान जी मंदिर के पास स्थापित हैण्डपम्पों का निरीक्षण किया, जहां सभी हैण्डपम्प चालू अवस्था में पाए गए। वहीं मुख्य कार्यकारी अधिकारी अरविन्द जाखड़ ने नागौर शहर के नया दरवाजा एवं लौहारपुरा क्षेत्र में स्थित हैण्डपम्पों का निरीक्षण किया, जो सुचारू रूप से संचालित मिले। इस दौरान अधीक्षण अभियंता श्रवण सिंह खिड़िया एवं अधिशाषी अभियंता अजय कुमार मीणा भी उपस्थित रहे।
जिले के सभी उपखंड अधिकारियों एवं तहसीलदारों ने पीएचईडी विभाग के अभियंताओं के साथ विभिन्न स्थानों पर हैण्डपम्पों का निरीक्षण किया। अधिकांश हैण्डपम्प चालू अवस्था में पाए गए, जबकि खराब मिले हैण्डपम्पों को तत्काल दुरुस्त कर चालू करने के निर्देश दिए गए।
नहरबंदी एवं ग्रीष्म ऋतु को ध्यान में रखते हुए जिले में पेयजल व्यवस्था सुचारू बनाए रखने के लिए सभी अभियंताओं को फील्ड में रहकर आमजन की समस्याओं का समाधान करने के निर्देश दिए गए। आमजन अपनी पेयजल समस्याओं के समाधान हेतु राजस्थान सम्पर्क पोर्टल या जिला स्तरीय नियंत्रण कक्ष के दूरभाष नंबर 01582-240842 पर संपर्क कर सकते हैं।
जिला कलक्टर ने निर्देश दिए कि विभागीय नियमानुसार अंतिम छोर तक उचित दबाव के साथ पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। साथ ही अवैध कनेक्शन एवं अवैध बूस्टर जब्त कर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता एवं राजकीय संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम 1984 की धारा 3 के तहत कार्रवाई की जाए। आवश्यकता पड़ने पर जिला प्रशासन एवं पुलिस विभाग का सहयोग लेने के भी निर्देश दिए गए।
प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि यदि कहीं पानी का दुरुपयोग होता दिखे तो तुरंत विभाग को सूचित करें। साथ ही नहरबंदी एवं गर्मी के मौसम को देखते हुए पानी का संयमित उपयोग कर जल संरक्षण में सहयोग दें।





















































