लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
संसाधनों के अभाव में जूझ रहा पादूकलां का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र
पादूकलां | कस्बे के आचार्य तुलसी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में क्रमोन्नत हुए एक वर्ष से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन अब तक यहां स्वीकृत नए चिकित्सकों और स्टाफ की नियुक्ति नहीं हो पाई है। वर्तमान स्थिति यह है कि केंद्र पर केवल एक महिला चिकित्सक कार्यरत हैं, जबकि एक अन्य चिकित्सक वैकल्पिक व्यवस्था के तहत सेवाएं दे रहे हैं। इससे हजारों की आबादी को समुचित स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं।
राष्ट्रीय राजमार्ग–58 पर स्थित होने के कारण क्षेत्र में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या अपेक्षाकृत अधिक रहती है। पर्याप्त चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ और आधुनिक उपकरणों के अभाव में दुर्घटना के घायलों को समय पर इलाज नहीं मिल पाता। ग्रामीणों का कहना है कि सीएचसी का दर्जा मिलने के बावजूद व्यवस्थाएं आज भी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जैसी ही बनी हुई हैं।
108 एम्बुलेंस सेवा का अभाव
सबसे गंभीर समस्या 108 एम्बुलेंस सेवा की स्थायी व्यवस्था नहीं होना है। आपात स्थिति में एम्बुलेंस रियांबड़ी, मेड़ता सिटी या थांवला से मंगवानी पड़ती है, जिससे मरीज को अस्पताल पहुंचाने में काफी देर हो जाती है। कई बार इसी देरी के कारण मरीज की हालत गंभीर हो जाती है।
विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी
अस्पताल में बच्चों के लिए कोई विशेषज्ञ चिकित्सक उपलब्ध नहीं है। रात के समय चिकित्सक अनुपस्थित रहते हैं और केवल नर्सिंग ऑफिसर ही ड्यूटी पर रहते हैं। गंभीर मरीज आने पर उन्हें अन्य शहरों के अस्पतालों में रेफर करना पड़ता है, जिससे गरीब और ग्रामीण परिवारों को आर्थिक व मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ता है।
क्षेत्र बड़ा, जिम्मेदारी भी अधिक
पादूकलां पुलिस थाना क्षेत्र काफी विस्तृत है और कस्बे से लगभग 25 से 30 गांव जुड़े हुए हैं। इतनी बड़ी आबादी की स्वास्थ्य सेवाओं का पूरा भार इसी एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर है, लेकिन संसाधनों की कमी के कारण लोगों को उचित उपचार नहीं मिल पा रहा है।
आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों ने राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि सीएचसी में स्वीकृत पदों के अनुसार तुरंत चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ और अन्य कार्मिकों की नियुक्ति की जाए, 108 एम्बुलेंस की स्थायी व्यवस्था की जाए तथा आवश्यक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराए जाएं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
इनका कहना है—
“वैकल्पिक व्यवस्था के तहत एक चिकित्सक को लगाया गया है। रिक्त पदों पर नियुक्ति निदेशालय स्तर जयपुर से होती है। सभी खाली पदों की जानकारी उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है।”
— डॉ. चेनाराम चौधरी, ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी, रियांबड़ी

















































