लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
नियमों के सरलीकरण में देश में दूसरा और निवेश प्रोत्साहन नीतियों में तीसरा स्थान, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में सुधारों को मिली राष्ट्रीय मान्यता
जयपुर:(रितु मेहरा) मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार के निवेश प्रोत्साहन और कारोबारी माहौल को बेहतर बनाने के प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी सफलता मिली है। नीति आयोग द्वारा जारी निवेश अनुकूलता सूचकांक (Investment Friendliness Index) में राजस्थान को ‘अग्रणी राज्य’ (Front Runner) की श्रेणी में शामिल किया गया है।
समग्र रैंकिंग में राजस्थान देशभर में 10वें और बड़े राज्यों में 8वें स्थान पर रहा। वहीं, बड़े राज्यों की श्रेणी में नियमों के सरलीकरण में दूसरा, निवेश प्रोत्साहन नीतियों में तीसरा और संसाधनों की उपलब्धता के मामले में पांचवां स्थान हासिल किया है। यह उपलब्धि राज्य में निवेश आकर्षित करने और उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने की दिशा में किए गए सुधारों का परिणाम मानी जा रही है।
राज निवेश पोर्टल पर 190 सेवाएं, निवेशकों को मिल रही तेज़ सुविधाएं
राज्य सरकार ने उद्योगों की स्थापना और निवेश प्रक्रियाओं को आसान बनाने के लिए राज निवेश पोर्टल को लगातार मजबूत किया है। वर्तमान में पोर्टल पर 18 विभागों की 190 सेवाएं उपलब्ध हैं।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 में पोर्टल पर 34,704 आवेदन प्राप्त हुए, जबकि वित्तीय वर्ष 2026-27 में 30 जून तक 30 हजार से अधिक आवेदन मिले। इनमें से 17 हजार से अधिक मामलों का निस्तारण किया जा चुका है। इस अवधि में कुल निस्तारण दर 64 प्रतिशत रही, जबकि सबसे अधिक उपयोग वाली 11 प्रमुख सेवाओं में यह दर 68 प्रतिशत दर्ज की गई।
घटा सेवाओं के निस्तारण का समय
राज्य सरकार के सुधारों का असर विभिन्न सेवाओं के निस्तारण समय पर भी दिखाई दिया है। नए बिजली कनेक्शन की औसत स्वीकृति अवधि पिछले वित्तीय वर्ष के 20 दिनों से घटकर 10 दिन रह गई है। वहीं, पर्यटन परियोजनाओं की स्वीकृति अवधि 22 दिनों से घटकर 16 दिन हो गई है।
ढाई साल में लागू हुईं 30 से अधिक नई निवेश नीतियां
राजस्थान सरकार ने पिछले ढाई वर्षों में निवेश और औद्योगिक विकास को गति देने के लिए 30 से अधिक नई नीतियां लागू की हैं। इनमें एमएसएमई, निर्यात प्रोत्साहन, टेक्सटाइल एवं अपैरल, लॉजिस्टिक्स, स्वच्छ ऊर्जा, डेटा सेंटर, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC), सेमीकंडक्टर, एयरोस्पेस और डिफेंस जैसे क्षेत्रों की नीतियां शामिल हैं। इनमें कई ऐसे सेक्टर भी हैं, जिनके लिए राजस्थान में पहली बार अलग नीति बनाई गई है।
इन्हीं सुधारों के आधार पर नीति आयोग ने निवेश प्रोत्साहन संबंधी सरकारी नीतियों के मामले में राजस्थान को बड़े राज्यों में तीसरा स्थान दिया है।
निवेशकों का बढ़ा भरोसा
नीति आयोग के इस सूचकांक की खास बात यह है कि इसमें केवल सरकारी आंकड़ों के बजाय देशभर के निवेशकों के अनुभव और सुझावों को भी शामिल किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार राजस्थान निवेशकों के लिए अधिक पारदर्शी, भरोसेमंद और उद्योग-अनुकूल राज्य के रूप में उभरा है।
राइजिंग राजस्थान समिट का दिखा असर
राज्य सरकार का कहना है कि राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट ने प्रदेश में निवेश का सकारात्मक माहौल तैयार किया है। समिट के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में 35 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश समझौते (एमओयू) हुए, जिनमें से करीब 9 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाओं की ग्राउंड ब्रेकिंग भी हो चुकी है।
सरकार इन निवेश प्रस्तावों के क्रियान्वयन के लिए नियमित समीक्षा, विभागों के बीच समन्वय और निवेशकों की समस्याओं के त्वरित समाधान की व्यवस्था पर भी काम कर रही है।
विकसित भारत 2047 के विजन से जुड़ा निवेश सूचकांक
निवेश अनुकूलता सूचकांक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ विजन के तहत तैयार किया गया है। जुलाई 2024 में नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की बैठक में राज्यों के लिए निवेश-अनुकूल ढांचा विकसित करने पर जोर दिया गया था। इसके बाद केंद्रीय बजट 2025-26 में इस सूचकांक की घोषणा की गई। इसका उद्देश्य राज्यों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बढ़ाना, निवेश आकर्षित करना और सहकारी संघवाद को मजबूत करना है।


















































