लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
भीलवाड़ा | पंकज पोरवाल
भीलवाड़ा |भीलवाड़ा जिले के नौगांवा स्थित सांवरिया सेठ मंदिर में गुरुवार को आध्यात्मिकता और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। मंदिर परिसर साक्षात वैकुंठ में परिवर्तित नजर आया, जहां भगवान सांवरिया सेठ स्वर्ण-रजत मुकुट धारण कर क्षीर सागर में शेषनाग की शैया पर विराजमान हुए और भक्तों को दिव्य दर्शन प्रदान किए।
अलसुबह मंगला आरती के साथ ही श्रद्धालुओं का तांता लग गया। गर्भगृह को इस प्रकार सजाया गया था मानो क्षीर सागर की लहरें हिलोरे ले रही हों। शेषशैया पर भगवान विष्णु स्वरूप सांवरिया सेठ और उनके चरण दबाती माता लक्ष्मी की अलौकिक झांकी ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
इंदौर के कारीगरों की कला बनी आकर्षण का केंद्र
ठाकुरजी का श्रृंगार इस बार विशेष रूप से इंदौर से मंगवाई गई रत्नजड़ित पोशाक एवं आभूषणों से किया गया। बारीक कारीगरी और रत्नों की चमक ने प्रभु के दिव्य तेज को और भी प्रभावशाली बना दिया। आधुनिक शिल्प और प्राचीन परंपराओं का यह संगम श्रद्धालुओं को नतमस्तक कर गया।
दर्शन को उमड़ी भारी भीड़
नववर्ष की शुरुआत ईश्वरीय आशीर्वाद के संकल्प के साथ करने के उद्देश्य से आयोजित इस विशेष झांकी के दर्शन के लिए समूचे भीलवाड़ा जिले से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। भक्तों का उत्साह इतना अधिक रहा कि दर्शनार्थियों की कतारें मंदिर परिसर से बाहर तक पहुंच गईं। व्यवस्थाओं को लेकर मंदिर प्रबंधन की ओर से विशेष इंतजाम किए गए।
कार्यक्रम के दौरान सत्कार ग्रुप की ओर से श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण किया गया। आयोजन को सफल बनाने में मंदिर ट्रस्ट सचिव कैलाश डाड, भंवरलाल दरगड़, पंडित प्रकाश शर्मा, पंडित दीपक आनंद पाराशर एवं गौशाला व्यवस्थापक अजीत सिंह का विशेष सहयोग रहा।
भागवत कथा की तैयारी
मंदिर में आगामी धार्मिक आयोजनों की कड़ी में जोधपुर के गोवत्स राधा कृष्ण महाराज की भागवत कथा की तैयारी भी की जा रही है। इसके लिए 3 जनवरी को एक प्रतिनिधिमंडल उनसे भेंट कर भीलवाड़ा पधारने का आमंत्रण पत्र सौंपेगा।
