लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
नागौर (प्रदीप कुमार डागा)। खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नागौर जिला मुख्यालय स्थित टाउन हॉल में मंगलवार को खाद्य व्यापारियों और फूड हैंडलर्स के लिए फोस्टेक (फूड सेफ्टी ट्रेनिंग एंड सर्टिफिकेशन) प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
अभिहित अधिकारी खाद्य सुरक्षा एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जुगल किशोर सैनी ने बताया कि यह प्रशिक्षण राज्य की खाद्य सुरक्षा आयुक्त डॉ. टी. शुभमंगला के दिशा-निर्देशानुसार आयोजित किया गया। इसमें भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) से अधिकृत एजेंसी द्वारा मास्टर ट्रेनर भेजे गए।
कार्यक्रम में जयपुर से आईं मास्टर ट्रेनर डॉ. अजपा भारद्वाज ने प्रतिभागियों को खाद्य सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया। उन्होंने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से सुरक्षित भोजन तैयार करने के नियमों, स्वच्छता मानकों तथा रीयूज्ड कुकिंग ऑयल (RUCO) के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी।
कार्यक्रम की शुरुआत में उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर. के. सारण ने स्वागत भाषण दिया। अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉ. जुगल किशोर सैनी ने कहा कि खाद्य सुरक्षा केवल नियमों का पालन नहीं, बल्कि आमजन के स्वास्थ्य से जुड़ी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी खाद्य व्यापारियों से स्वच्छता के मानकों का पालन सुनिश्चित करने की अपील की।
जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी संदीप अग्रवाल ने बताया कि प्रशिक्षण में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा सहयोगिनी, अन्नपूर्णा रसोई के फूड हैंडलर्स, मिड-डे मील कुक, आवासीय विद्यालयों के कर्मचारी, राजीविका समूह के सदस्य सहित विभिन्न वर्गों के लोग शामिल हुए। इसके अलावा मिठाई व नमकीन विक्रेता, होटल-रेस्टोरेंट संचालक, डेयरी संचालक, किराना व्यापारी, फल-सब्जी विक्रेता और स्ट्रीट वेंडर्स ने भी भाग लिया।
कार्यक्रम के अंत में प्रशिक्षु खाद्य सुरक्षा अधिकारी विक्रम बेड़ा ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संयोजन जिला कार्यक्रम समन्वयक हेमंत उज्जवल ने किया। इस प्रशिक्षण के सफल आयोजन में राजीविका मिशन, शिक्षा विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग का भी सहयोग रहा।