लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
पोक्सो कोर्ट नागौर का सख्त फैसला
नागौर (प्रदीप कुमार डागा)। विशेष न्यायालय (POCSO प्रकरण) नागौर ने नाबालिग बालिका से दुष्कर्म के गंभीर मामले में अहम फैसला सुनाते हुए अभियुक्त मोहम्मद रमजान को दोषी करार दिया है। अदालत ने आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धारा 376(3) एवं पोक्सो एक्ट की धारा 3/4 के तहत लगभग 20 वर्ष के साधारण कारावास एवं अर्थदंड की सजा सुनाई है।
न्यायालय ने अपने निर्णय में पीड़िता के पुनर्वास को ध्यान में रखते हुए विधिक प्रावधानों के अनुसार प्रतिकर (कम्पनसेशन) देने के भी आदेश दिए हैं।
पुलिस जांच और साक्ष्य
प्रकरण के अनुसार, आरोपी ने नाबालिग बालिका के साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया था। सूचना मिलने पर पुलिस ने मामला दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू की। जांच के दौरान मेडिकल रिपोर्ट, पीड़िता के बयान तथा गवाहों के कथन सहित सभी महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र कर न्यायालय में प्रस्तुत किए गए।
सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि पीड़िता का बयान और चिकित्सकीय साक्ष्य पूरी तरह संगत और विश्वसनीय हैं, जिससे अभियोजन पक्ष का मामला संदेह से परे सिद्ध होता है। अदालत ने कहा कि नाबालिगों के विरुद्ध अपराध अत्यंत गंभीर प्रकृति के हैं और ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की नरमी उचित नहीं है।
प्रभावी पैरवी
इस मामले में परिवादी पक्ष की ओर से अधिवक्ता डॉ. पवन श्रीमाली ने प्रभावी पैरवी करते हुए साक्ष्यों और कानूनी पक्ष को मजबूती से प्रस्तुत किया, जिसके परिणामस्वरूप आरोपी को कठोर सजा दिलाई जा सकी।
अदालत के इस फैसले को नाबालिगों के विरुद्ध अपराधों पर सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है, जिससे समाज में कानून के प्रति विश्वास और मजबूत होने की उम्मीद है।


















































