लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
प्रियंका माहेश्वरी, प्रतापगढ़।
विशिष्ठ न्यायाधीश पोक्सो एक्ट न्यायालय डाॅ. प्रभात जी अग्रवाल ने शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण निर्णय सुनाते हुए नाबालिग से दुष्कर्म करने और वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने वाले तीन आरोपियों को 20-20 वर्ष के कठोर कारावास और 76-76 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
दोषी ठहराए गए आरोपियों में दीपक पुत्र मोहनलाल कीर, दीपक पुत्र हीरालाल कीर (दोनों निवासी ब्रह्मपुरी, धरियावद) और ईरफान पुत्र निशार खान (निवासी सलूम्बर, हाल बोहरा बिल्डिंग, धरियावद, जिला प्रतापगढ़) शामिल हैं।
मामले का विवरण:
दिनांक 21 जनवरी 2022 को पीड़िता ने अपने पिता के साथ थाना पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज करवाई थी कि राखी के लगभग 15 दिन बाद रात करीब 9–10 बजे वह अपने दोस्त के साथ मोटरसाइकिल पर जा रही थी। रास्ते में एस्सार पेट्रोल पंप के पास आरोपियों ने उनकी बाइक रोकने की कोशिश की। जब बाइक नहीं रोकी, तो आरोपियों ने पीछा कर रास्ता रोका, दोनों से मारपीट की, पैसे लूटे और पीड़िता को जबरदस्ती मोटरसाइकिल पर बैठाकर सुनसान इलाके में ले गए।
वहां आरोपियों ने बारी-बारी से दुष्कर्म किया, घटना का वीडियो बनाया, और बाद में पीड़िता को उसके गांव छोड़कर फरार हो गए। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर मामले की चार्जशीट न्यायालय में पेश की।
अदालती कार्यवाही:
अभियोजन पक्ष की ओर से 22 गवाहों के बयान और 135 दस्तावेज प्रस्तुत किए गए। साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने आरोपियों को दोषी करार देते हुए भारतीय दंड संहिता की धारा 341, 323, 366(1), 376(क) तथा पोक्सो एक्ट की धारा 3/4, 5(ह)/6 और 5(स)/6 के अंतर्गत 20-20 वर्ष का कठोर कारावास और 76 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
राज्य पक्ष की ओर से मामले की पैरवी विशिष्ठ लोक अभियोजक तरूणदास वैरागी ने की।
















































