लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
उनियारा। श्री मुनिसुव्रतनाथ दिगंबर जैन सुखोदय अतिशय तीर्थ क्षेत्र, सुथड़ा के अभिषेक मंडल के श्रद्धालु इंदौर पहुंचकर आचार्य परंपरा के प्रख्यात संत मुनि श्री सुधासागर महाराज के पावन सानिध्य में पहुंचे। इस दौरान श्रद्धालुओं ने विनयपूर्वक गुरु वंदना कर उनका मंगल आशीर्वाद प्राप्त किया तथा धर्मोपदेश का श्रवण कर आत्मकल्याण, संयम और सदाचार का संदेश ग्रहण किया।
तीर्थ क्षेत्र प्रबंध समिति के अध्यक्ष महावीर प्रसाद परण एवं बसंत जैन ने बताया कि गुरु का सानिध्य मानव जीवन को सही दिशा प्रदान करता है। संतों का आशीर्वाद व्यक्ति के जीवन में आध्यात्मिक चेतना, संयम, सदाचार और धर्म के प्रति आस्था को सुदृढ़ करता है। इसी भावना के साथ सुखोदय तीर्थ के अभिषेक मंडल के सदस्य इंदौर पहुंचे और मुनि श्री सुधासागर महाराज के दर्शन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।
प्रबंध समिति के अनुसार मुनि श्री ने अपने मंगल प्रवचनों में धर्म, संयम, सेवा, त्याग और आत्मचिंतन का महत्व बताते हुए कहा कि जीवन की वास्तविक उन्नति बाहरी सुख-सुविधाओं से नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि, सदाचार और आत्मअनुशासन से होती है। उन्होंने श्रद्धालुओं को अपने जीवन में धर्म, नैतिकता और आत्मचिंतन को अपनाने का संदेश दिया।
श्रद्धालुओं ने गुरु चरणों में नमन कर समाज, परिवार और राष्ट्र की सुख-समृद्धि तथा विश्व शांति की मंगलकामना की। इस अवसर पर अभिषेक मंडल के जिनेन्द्र, संतु जैन, विनय, आशीष सर्राफ, मुकेश खुटवाले, हैप्पी, पंकज, मनोज पाटोदी, कमल कासलीवाल, अभिनव छाबड़ा, पिंटू गोधा और बंटी कासलीवाल सहित अन्य सदस्यों ने भी मुनि श्री से व्यक्तिगत रूप से आशीर्वाद प्राप्त किया।
श्रद्धालुओं ने इस आध्यात्मिक मिलन को जीवन का अविस्मरणीय एवं प्रेरणादायी अनुभव बताते हुए कहा कि संतों का सानिध्य मन को शांति, जीवन को नई दिशा और आत्मा को आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान करता है।
प्रबंध समिति ने कहा कि संतों का सानिध्य समाज में नैतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने का प्रभावी माध्यम है। ऐसे आध्यात्मिक अवसर श्रद्धालुओं में धर्म के प्रति आस्था को और अधिक प्रगाढ़ बनाते हैं तथा सेवा, संस्कार और संयमपूर्ण जीवन जीने की प्रेरणा देते हैं।
मुनि श्री सुधासागर महाराज के सानिध्य में संपन्न यह आध्यात्मिक कार्यक्रम श्रद्धा, भक्ति और आत्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत रहा तथा श्रद्धालु गुरु कृपा का आशीर्वाद लेकर भाव-विभोर लौटे।
