लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
जयपुर । मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के संवेदनशील और जनकल्याणकारी नेतृत्व में राजस्थान सरकार समाज के अंतिम पंक्ति के व्यक्ति को सामाजिक सुरक्षा का कवच प्रदान कर रही है। प्रदेश में संचालित सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के तहत वृद्धजन, एकल नारी, विशेष योग्यजन और लघु एवं सीमांत कृषक आर्थिक संबल पाकर सम्मानजनक जीवन जी रहे हैं। वर्तमान में प्रदेशभर में 91 लाख 83 हजार से अधिक लोग इन योजनाओं का लाभ ले रहे हैं।
नियमों में संशोधन से बढ़ी पारदर्शिता
मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार राज्य सरकार ने 5 जून 2024 को नियमों में संशोधन कर पात्रता निर्धारण की प्रक्रिया को और स्पष्ट व पारदर्शी बनाया। इसके सतत क्रियान्वयन से वृद्धजन, विधवा, परित्यक्ता एवं तलाकशुदा, विशेष योग्यजन और लघु एवं सीमांत कृषकों को पेंशन समय पर और नियमित रूप से उपलब्ध कराई जा रही है।
तकनीक आधारित पारदर्शी पेंशन प्रणाली
पेंशन की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और पेपरलेस तरीके से संचालित की जा रही है। जनआधार आधारित सत्यापित मेटाडाटा के माध्यम से आवेदन, स्वीकृति और भुगतान की प्रक्रिया सरल और नागरिकों के अनुकूल बनाई गई है। पेंशन राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में जमा की जा रही है, और शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है।
कमजोर वर्ग को आत्मसम्मान, सुरक्षा और स्थायित्व
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में केंद्र एवं राज्य की डबल इंजन सरकार पात्र व्यक्तियों को नियमित पेंशन सुनिश्चित कर सामाजिक न्याय और समावेशी विकास में अहम भूमिका निभा रही है। ये योजनाएं केवल आर्थिक सहायता ही नहीं देती, बल्कि लाभार्थियों को आत्मसम्मान, सुरक्षा और स्थायित्व भी प्रदान करती हैं।
केंद्र और राज्य की पेंशन योजनाएं
राज्य सरकार द्वारा संचालित प्रमुख योजनाओं में शामिल हैं:
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मुख्यमंत्री वृद्धजन सम्मान पेंशन योजना
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मुख्यमंत्री एकल नारी सम्मान पेंशन योजना
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मुख्यमंत्री विशेष योग्यजन पेंशन योजना
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मुख्यमंत्री लघु एवं सीमांत कृषक सम्मान पेंशन योजना
साथ ही, केंद्र सरकार की इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था, विधवा एवं निशक्त पेंशन योजनाएं भी प्रदेश में व्यापक स्तर पर लागू हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य कमजोर वर्ग को सशक्त बनाना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।
