लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
नागौर/नई दिल्ली | (प्रदीप कुमार डागा) लोकसभा में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के अध्यक्ष और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने सवाल उठाया कि जीएसटी सुधारों के तहत व्यक्तिगत जीवन बीमा और स्वास्थ्य बीमा पर जीएसटी शून्य होने के बावजूद, कई राज्यों में बीमा कंपनियों ने मूल प्रीमियम को 8-12% तक बढ़ा दिया। सांसद ने इस “जनता के साथ धोखा” और सरकार के फैसले के दुरुपयोग पर चिंता जताई।
वित्त मंत्रालय में राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने जवाब देते हुए बताया कि भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI) ने बीमा कंपनियों के साथ वार्ता की थी और पॉलिसीधारकों को जीएसटी राहत का पूरा लाभ देने पर जोर दिया। IRDAI ने जनवरी 2026 में पुष्टि की कि सभी सामान्य और स्वास्थ्य बीमा कंपनियों ने सरकार की जीएसटी राहत लागू कर दी है, और जीवन बीमा पॉलिसियों में योजना अवधि के दौरान प्रीमियम और लाभ नहीं बदले जा सकते।
हनुमान बेनीवाल ने कहा कि स्वास्थ्य बीमा “कोई लग्ज़री नहीं, बल्कि जरूरत” है, और बीमा कंपनियों की लालची नीतियों से आम आदमी की स्थिति कमजोर हो रही है। उन्होंने कहा कि सरकार को बीमा कंपनियों की मनमानी पर कड़ी निगरानी रखनी चाहिए ताकि सुधार का वास्तविक लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंचे।
