लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
जयपुर । मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल पर शुरू की गई मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य (MAA) योजना जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष कर रहे गंभीर रोगियों के लिए वरदान साबित हो रही है। इस योजना ने कैंसर, हृदय, गुर्दा और अन्य गंभीर रोगों से पीड़ित हजारों रोगियों को नया जीवन दिया है।
विगत डेढ़ वर्ष में लगभग ढाई लाख गंभीर रोगियों को 1900 करोड़ रुपये का कैशलेस उपचार उपलब्ध करवाया गया है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने बताया कि पूर्ववर्ती सरकार की स्वास्थ्य बीमा योजना में कई खामियां थीं, जिसके कारण गंभीर रोगियों को समय पर इलाज नहीं मिल पाता था। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस कमी को देखते हुए 19 फरवरी, 2024 से सुगम और सुलभ कैशलेस उपचार के लिए MAA योजना शुरू की।
योजना का दायरा बढ़ा, उपचार सुगम हुआ
प्रमुख शासन सचिव श्रीमती गायत्री राठौड़ ने बताया कि योजना में कैंसर के 73 नए डे केयर पैकेज जोड़े गए। इसके बाद जीरियाट्रिक केयर पैकेज, किशोरों के मानसिक स्वास्थ्य के पैकेज, ओरल कैंसर, विशेष योग्यजनों के लिए पैकेज, रोबोटिक सर्जरी, न्यूरो सर्जरी, प्लास्टिक सर्जरी एवं स्किन ट्रांसप्लांट, कार्डियोथोरेसिक एवं वेस्कुलर सर्जरी तथा आयुष सहित अन्य पैकेज शामिल किए गए। इससे पहले योजना में 1800 पैकेज थे, अब संख्या बढ़कर करीब 2200 हो गई। पैकेज बढ़ने से गंभीर रोगियों को इलाज में आसानी हुई और जीवन रक्षा संभव हो सकी।
गंभीर रोगियों को 2 हजार करोड़ रुपये का कैशलेस इलाज
राजस्थान स्टेट हेल्थ एश्योरेंस एजेंसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हरजीलाल अटल ने बताया कि डेढ़ वर्ष में ढाई लाख रोगियों को 1900 करोड़ रुपये मूल्य का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया गया। इसमें हृदय रोग के 1,23,000, कैंसर के 96,000, डायलिसिस के 20,000, डायबिटीज के 6,700, कॉकलियर इम्प्लांट के 452, बोनमेरो ट्रांसप्लांट के 300, किडनी ट्रांसप्लांट के 760 और लीवर ट्रांसप्लांट के 77 रोगी शामिल हैं। कैंसर रोगियों को 800 करोड़, हृदय रोगियों को 850 करोड़ और डायलिसिस रोगियों को 200 करोड़ रुपये की लागत से कैशलेस उपचार दिया गया।
अब तक 6 हजार करोड़ रुपये का व्यय
योजना में वर्तमान में 1 करोड़ 34 लाख परिवार पंजीकृत हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में 132 नए पैकेज जोड़े गए। 19 फरवरी 2024 से 3 अक्टूबर 2025 तक 50 लाख से अधिक रोगियों को कुल करीब 6,000 करोड़ रुपये का कैशलेस उपचार मिल चुका है।
अंग प्रत्यारोपण की सुविधा और राज्य से बाहर उपचार
योजना में अंग प्रत्यारोपण राज्य में निःशुल्क उपलब्ध है। अन्य राज्यों में अंग प्रत्यारोपण करवाने पर खर्च की सीमा तक पुनर्भरण और मरीज व एक परिजन को हवाई टिकट का पुनर्भरण किया जाता है। राज्य के बाहर के पात्र मरीजों को भी प्रदेश में उपचार कराने की सुविधा दी जा रही है और अन्य राज्यों में उपचार के लिए आउट-बाउंड पोर्टेबिलिटी पर कार्य जारी है।
मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना गंभीर रोगियों के लिए जीवनदायिनी साबित हो रही है और राज्य सरकार इसे निरंतर बेहतर बनाने के प्रयास में लगी है।




















































