लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
पीसांगन ,अजमेर (ओमप्रकाश चौधरी)। उपखंड क्षेत्र के रूपाहेली व जसंवतपुरा गांव के किसानों ने उत्तर-पश्चिम रेलवे की विशेष परियोजना पुष्कर-कात्यासनी (मेड़ता) रेल लाइन के लिए भूमि अवाप्ति और मुआवजा विसंगति को लेकर उपखंड अधिकारी राजीव बड़गूजर को ज्ञापन सौंपा।
किसानों ने ज्ञापन में आरोप लगाया कि अन्य गांवों में भूमि के बदले 7 से 10 गुना तक मुआवजा तय किया गया है, जबकि उनके गांव के लिए मात्र 3 लाख 30 हजार रुपये प्रति बीघा मुआवजा निर्धारित किया गया है, जो बाजार दर से काफी कम है।
किसानों ने कहा कि उनकी भूमि राजमार्ग से जुड़ी हुई उपजाऊ सिंचित कृषि भूमि है, बावजूद इसके उन्हें कम मुआवजा दिया जा रहा है। इससे ग्रामीणों में भारी असंतोष और रोष है।
ज्ञापन में यह भी बताया गया कि पहले रेलवे स्टेशन नांद गांव के लिए प्रस्तावित था, जिसे अब रूपाहेली-जसंवतपुरा क्षेत्र में स्थानांतरित कर दिया गया है, जिससे भूमि अधिग्रहण का दबाव बढ़ गया है।
किसानों ने मांग की कि या तो अन्य गांवों की तरह समान मुआवजा दिया जाए या फिर वैकल्पिक भूमि आवंटित की जाए। उन्होंने कहा कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन की स्थिति बन सकती है।
इस पर उपखंड अधिकारी राजीव बड़गूजर ने बताया कि मुआवजा निर्धारण उपखंड स्तर पर नहीं होता है, किसानों की मांग को उच्च अधिकारियों को भेजा जाएगा।
ज्ञापन देने वालों में हेमाराम जाखड़, भागीरथ जाखड़, पूर्व सरपंच पप्पूराम कुमावत, पूर्व उप सरपंच श्रवणसिंह रावत, कूकासिंह रावत, गोपालराम जाखड़, भंवरलाल जाखड़, कैलाश जाखड़ सहित कई किसान मौजूद रहे।
