लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
300 से अधिक लोगों ने निकाली जियोहेरिटेज वॉक
अंतरराष्ट्रीय भू-विविधता दिवस पर आयोजन, छह प्रमुख जियोसाइट्स और हेरिटेज स्थलों की वैज्ञानिक व ऐतिहासिक जानकारी दी
जोधपुर । मेहरानगढ़ दुर्ग को भारत का पहला यूनेस्को ग्लोबल जियोपार्क बनाने की दिशा में जन-जागरूकता अभियान की शुरुआत हो गई है। अंतरराष्ट्रीय भू-विविधता दिवस के अवसर पर मेहरानगढ़ दुर्ग में आयोजित ‘मेहरानगढ़ जियोहेरिटेज वॉक’ में 300 से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया।
आयोजन का उद्देश्य मेहरानगढ़ क्षेत्र की भू-विरासत, भू-विविधता, जल विरासत और सांस्कृतिक धरोहर के प्रति आमजन में समझ विकसित करना तथा जियो-टूरिज्म को बढ़ावा देना रहा। कार्यक्रम महाराजा गज सिंह के मुख्य संरक्षण एवं मार्गदर्शन में आयोजित किया गया।
छह प्रमुख स्थलों से समझी मेहरानगढ़ की भू-विरासत
जियोहेरिटेज वॉक में मेहरानगढ़ क्षेत्र के छह महत्वपूर्ण जियोसाइट्स और हेरिटेज साइट्स को शामिल किया गया। प्रतिभागियों को इन स्थानों के वैज्ञानिक, ऐतिहासिक, स्थापत्य और सांस्कृतिक महत्व की जानकारी दी गई।
वॉक की शुरुआत सुबह 7 बजे मेहरानगढ़ म्यूजियम ट्रस्ट के प्रशासनिक अधिकारी कर्नल अजय सिंह शेखावत के स्वागत उद्बोधन से हुई। इसके बाद आयोजन समिति के संयोजक डॉ. शिव सिंह राठौड़ ने कार्यक्रम के उद्देश्य और प्रस्तावित जियोपार्क की दृष्टि के बारे में जानकारी दी।
वैज्ञानिक पक्ष को समझाते हुए डॉ. सुरेश माथुर ने वेल्डेड टफ और दुर्ग में लिफ्ट के समीप स्थित नॉन-कॉन्फॉर्मिटी जियोसाइट्स की विशेषताओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने इनके निर्माण की भू-वैज्ञानिक प्रक्रिया और मेहरानगढ़ की भू-विरासत में इनके महत्व को समझाया।
चोकेलाव महल और बाग की विरासत से जुड़ा भूगोल
मेहरानगढ़ म्यूजियम ट्रस्ट के महाराजा मानसिंह पुस्तक प्रकाश शोध केंद्र के सहायक निदेशक डॉ. महेंद्र सिंह तंवर ने चोकेलाव महल, झरना खान और चोकेलाव बाग सहित अन्य विरासत स्थलों की