लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
अधिवक्ता को जान से मारने की कोशिश का दावा
अधिवक्ता रामकिशोर बाना पर हमले से नागौर के वकीलों में रोष, कोतवाली थाने में मामला दर्ज
नागौर। (प्रदीप कुमार डागा)
नागौर में अधिवक्ता रामकिशोर बाना के साथ मंगलवार को हुई कथित मारपीट और वाहन से टक्कर मारने की घटना को लेकर अधिवक्ता समुदाय में रोष है। आरोप है कि पहले न्यायालय परिसर में उनके साथ मारपीट की गई और इसके बाद जब वे किशोर न्याय बोर्ड की ओर जा रहे थे, तब रास्ते में उनकी मोटरसाइकिल को बोलेरो वाहन से जानबूझकर टक्कर मार दी गई। अधिवक्ता के अनुसार, इस घटना में उन्हें जान से मारने का प्रयास किया गया, हालांकि वे बाल-बाल बच गए।
घटना की जानकारी मिलने के बाद जिला अधिवक्ता संघ, नागौर के अध्यक्ष डॉ. पवन श्रीमाली सहित अन्य अधिवक्ता कोतवाली थाने पहुंचे। अधिवक्ताओं ने घटना पर नाराजगी जताते हुए आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की। मामले में अधिवक्ता रामकिशोर बाना की ओर से कोतवाली थाने में रिपोर्ट देकर मुकदमा दर्ज कराया गया है।
अधिवक्ता समुदाय ने जताया विरोध
जिला अधिवक्ता संघ अध्यक्ष डॉ. पवन श्रीमाली ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि अधिवक्ता अपने पक्षकार की ओर से कानून के दायरे में पैरवी करता है। पक्षकारों के बीच विवाद हो सकता है, लेकिन पैरवी करने के कारण अधिवक्ता को निशाना बनाना गंभीर मामला है।
उन्होंने कहा कि अधिवक्ता पर हमला केवल व्यक्तिगत घटना नहीं, बल्कि अधिवक्ताओं की सुरक्षा और पेशेवर सम्मान से जुड़ा विषय है। उन्होंने पुलिस-प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की।
कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी
डॉ. श्रीमाली ने कहा कि यदि मामले में प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो अधिवक्ता समुदाय आंदोलन का रास्ता अपना सकता है। उन्होंने अधिवक्ताओं की सुरक्षा के लिए एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट को प्रभावी रूप से लागू करने की मांग भी उठाई।
उन्होंने कहा कि अधिवक्ता बिना भय के अपने पेशेवर और विधिक दायित्वों का निर्वहन कर सकें, इसके लिए उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है।
नोट: बोलेरो से जानबूझकर टक्कर मारकर जान से मारने के प्रयास सहित अन्य आरोप पुलिस रिपोर्ट में लगाए गए हैं। आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही होगी।
