लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
गांव-गांव खोला मोर्चा, चौपालों में उठी काम के अधिकार की आवाज
पादूकलां। ग्रामीण रोजगार की रीढ़ मानी जाने वाली महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) को कमजोर किए जाने के आरोपों के बीच मेड़ता विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस ने बड़ा जन आंदोलन छेड़ दिया। बुधवार को मनरेगा बचाओ संग्राम अभियान के तहत गांव-गांव जनसंपर्क चौपालों का आयोजन किया गया, जहां मजदूरों, किसानों और ग्रामीणों ने काम के अधिकार की रक्षा का संकल्प लिया।
ग्राम पंचायत पादूकलां में आयोजित चौपाल को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव एवं मनरेगा बचाओ संग्राम प्रभारी गोविंदकारण डांगा ने कहा कि मनरेगा कोई सरकारी कृपा या भीख नहीं, बल्कि गरीबों को रोजगार देने का संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार बजट में कटौती, समय पर मजदूरी भुगतान न होने और काम के दिनों में कमी कर योजना को कमजोर कर रही है।
रियांबड़ी कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्षा रामनिवास भाटी ने कहा कि मनरेगा कमजोर होने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर गहरा असर पड़ा है और गांवों में रोजगार संकट बढ़ रहा है। कांग्रेस पार्टी मजदूर, किसान और गरीब वर्ग के साथ मजबूती से खड़ी है।
चौपाल के दौरान बंदरों के आतंक का मुद्दा भी उठाया गया। मेड़ता के पूर्व विधायक रामचंद्र जारोड़ा, भंवरलाल गोरा और पार्टी कार्यकर्ताओं एवं ग्रामीणों ने बताया कि बंदरों के कारण आमजन को भारी परेशानी, फसलों और मकानों को नुकसान हो रहा है। रामचंद्र जारोड़ा ने आश्वासन दिया कि यह मामला वन विभाग के उच्च अधिकारियों के समक्ष उठाया जाएगा और कस्बे को बंदरों के आतंक से मुक्ति दिलाई जाएगी। 
यह अभियान काम के अधिकार की रक्षा के लिए चलाया जा रहा राष्ट्रव्यापी आंदोलन है, जिसके तहत हर गांव-ढाणी में चौपाल आयोजित कर जनजागरण किया जाएगा।
इस अवसर पर मेड़ता के पूर्व विधायक रामचंद्र जारोड़ा, कांग्रेस प्रत्याशी चिमन वाल्मीकि, भरतकुमार सैनी, हरेंद्र तेतरवाल, सुशील लटियाल, नवीन ग

















































