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लद्दाख से चली रेजांगला रज कलश यात्रा का जयपुर में भव्य स्वागत

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लोक टुडे न्युज़ नेटवर्क
 बिरला ऑडिटोरियम में गूंजे देशभक्ति के स्वर
जयपुर। लद्दाख की चुशुल घाटी से रेजांगला की पवित्र रज (मिट्टी) लेकर चली ऐतिहासिक रेजांगला रज कलश यात्रा रविवार को जयपुर पहुंची। बिरला ऑडिटोरियम, स्टैच्यू सर्किल में आयोजित भव्य समारोह में यात्रा का उत्साहपूर्वक स्वागत किया गया। इस अवसर पर राजस्थान युवा यादव महासभा की नई कार्यकारिणी का शपथ ग्रहण समारोह भी संपन्न हुआ। कार्यक्रम संयोजक एवं प्रदेश अध्यक्ष डॉ मदन यादव ने बताया कि जयपुर पहुंचने पर यात्रा का उत्साहपूर्वक स्वागत किया गया।
कार्यक्रम की प्रमुख विशेषताएं
इस ऐतिहासिक यात्रा ने अब तक लगभग 70,000 किलोमीटर की दूरी तय की है। समारोह में देशभर से आए 1500 से 2000 प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम का आयोजन राजस्थान यादव महासभा और राजस्थान युवा यादव महासभा के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।
मुख्य अतिथि एवं गणमान्य अतिथि
कार्यक्रम में डॉ. स्वपन घोष – राष्ट्रीय अध्यक्ष, राजस्थान यादव महासभा,सत्यप्रकाश सिंह – राष्ट्रीय उपाध्यक्ष,प्रदीप बेहरा यादव – राष्ट्रीय युवा अध्यक्ष,दिनेश यादव – राष्ट्रीय संयोजक, अखिल भारतवर्षीय यादव महासभा,डॉ. करण सिंह यादव – प्रदेश अध्यक्ष सहित देश के विभिन्न राज्यों से महेंद्र कुमार यादव, हर सहाय यादव, गोविंद भाई कांगड़, भारत यादव, डी.आर. यादव, मंजू यादव, चंचल यादव सहित अनेक गणमान्य उपस्थित रहे।
रेजांगला यात्रा की पृष्ठभूमि
यह यात्रा 13 अप्रैल 2025 को लद्दाख के रेजांगला युद्ध स्थल से आरंभ हुई थी और देश के लगभग सभी राज्यों से होती हुई जयपुर पहुंची है।
25 सदस्यीय दल वीरता, एकता और राष्ट्रभक्ति का संदेश लेकर आगे बढ़ रहा है। यात्रा 29 अक्टूबर तक राजस्थान में रहेगी और 18 नवंबर को दिल्ली में आयोजित समापन समारोह के साथ पूर्ण होगी।
रेजांगला युद्ध की स्मृति
18 नवंबर 1962 को हुए रेजांगला युद्ध में 13 कुमाऊं रेजिमेंट के 120 वीर जवानों ने चीन की विशाल सेना का सामना किया था।
इस युद्ध में दिखाए गए असाधारण पराक्रम के लिए मेजर शैतान सिंह को परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया।
रेजांगला युद्ध भारतीय सेना के इतिहास में अदम्य साहस, शौर्य और बलिदान का प्रतीक बन गया।

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