लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
संघर्ष समिति ने विधायक प्रताप पुरी और संघ प्रचारक को सौंपा ज्ञापन
रिपोर्ट: तुषार पुरोहित, सिरोही
सिरोही। पिण्डवाड़ा क्षेत्र में मेसर्स कमलेश मेटाकास्ट प्रा. लि. की प्रस्तावित खनन परियोजना के विरोध में आंदोलनरत ग्रामीणों ने शनिवार शाम एक बड़ा कदम उठाया। बिरसा मुंडा जयंती एवं भजन संध्या कार्यक्रम के दौरान संघर्ष समिति के प्रतिनिधियों ने पोकरण विधायक संत प्रताप पुरी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग प्रचारक संजीव कुमार तथा दिनेश राजपुरोहित को ज्ञापन सौंपकर खनन परियोजना को तत्काल निरस्त करने की मांग रखी।
दो महीनों से जारी विरोध
ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र की चार ग्राम पंचायतों के 12 गांवों के लोग पिछले दो महीनों से आंदोलन कर रहे हैं। धरने, प्रदर्शन और कई बार जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन देने के बाद भी अब तक कोई समाधान नहीं निकलने से लोग आहत हैं। संघर्ष समिति ने नेताओं से हस्तक्षेप कर परियोजना रोकने की अपील की।
विधायक प्रताप पुरी का बड़ा बयान
अपने संबोधन में विधायक प्रताप पुरी ने कहा कि जनजाति समाज के चौहान, सिसोदिया, परमार, सोलंकी सहित कई गोत्र मूलतः क्षत्रिय परंपरा से जुड़े हैं और इतिहास इसकी पुष्टि करता है कि जनजाति समाज क्षत्रिय वंश का ही अभिन्न हिस्सा है।
“देश-विरोधी ताकतें भ्रम फैला रही हैं” – संत गुलाब दास
फलासिया से आए संत गुलाब दास महाराज ने कहा कि मिशनरी, कम्युनिस्ट एवं अन्य देश-विरोधी ताकतें जनजाति समाज को उसकी जड़ों से दूर करने का प्रयास कर रही हैं। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज हमेशा से सनातन संस्कृति का हिस्सा रहा है।
30 से अधिक भजन मंडलियों की आकर्षक प्रस्तुतियाँ
कार्यक्रम में जनजाति क्षेत्र की 30 से अधिक भजन मंडलियों ने प्रस्तुतियां दीं। मंच पर वनवासी समाज के विभिन्न मठों और मंदिरों से आए संत–महात्माओं का सम्मान भी किया गया।
संघ एवं विभिन्न संगठनों की उपस्थिति
कार्यक्रम में विभाग प्रचारक संजय कुमार, वनवासी कल्याण परिषद के जगदीश कुलमी, संघ के दिनेश पुरोहित सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम की व्यवस्था वनवासी कल्याण परिषद, एकल अभियान और भारतीय मजदूर संघ के कार्यकर्ताओं ने संभाली।
क्षेत्र में खनन परियोजना को लेकर विरोध लगातार बढ़ता जा रहा है, और ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि उनकी भूमि एवं पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली किसी भी परियोजना को स्वीकार नहीं किया जाएगा।