लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
शैक्षणिक गुणवत्ता और मिड-डे मील की स्वयं की जांच, नवनिर्मित भवन को लेकर जताई नाराजगी
डीग र: जिले में सुशासन को मजबूत करने के उद्देश्य से जिला कलेक्टर उत्सव कौशल ने गुरुवार को राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, जालूकी का बिना पूर्व सूचना के औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने शिक्षा व्यवस्था, विद्यार्थियों की उपस्थिति, मिड-डे मील की गुणवत्ता और विद्यालय के बुनियादी ढांचे की स्थिति का गहन अवलोकन किया।
कक्षाओं में पहुंचे कलेक्टर, छात्रों से किया सीधा संवाद
विद्यालय पहुंचते ही जिला कलेक्टर ने कक्षाओं का निरीक्षण किया और उपस्थिति रजिस्टर की जांच कर छात्रों व शिक्षकों की वास्तविक उपस्थिति का मिलान किया। उन्होंने विद्यार्थियों से सीधे संवाद कर पढ़ाई के स्तर, पाठ्यक्रम की प्रगति और विद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जानकारी ली।
कलेक्टर ने शिक्षकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि केवल उपस्थिति नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना प्राथमिक जिम्मेदारी है।
मिड-डे मील की गुणवत्ता पर विशेष फोकस
निरीक्षण के दौरान जिला कलेक्टर ने मिड-डे मील के तहत परोसे जा रहे भोजन की गुणवत्ता को स्वयं परखा। उन्होंने रसोईघर की साफ-सफाई, भोजन की गुणवत्ता और मेन्यू के अनुसार वितरण की जांच की।
उन्होंने दो टूक कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
नवनिर्मित भवन में शिफ्टिंग को लेकर जवाब-तलब
कलेक्टर ने विद्यालय के नवनिर्मित भवन का उपयोग शुरू नहीं होने पर नाराजगी जताई। उन्होंने संस्था प्रधान और संबंधित अधिकारियों से पूछा कि आखिर नए भवन में शैक्षणिक गतिविधियां कब शुरू होंगी।
उन्होंने निर्देश दिए कि निर्माण से जुड़ी सभी औपचारिकताओं को शीघ्र पूरा कर विद्यार्थियों को नए भवन में स्थानांतरित किया जाए, ताकि उन्हें बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके।
बरौली चौथ में ग्रामीण समस्या समाधान शिविर का निरीक्षण
विद्यालय निरीक्षण के बाद जिला कलेक्टर ने ग्राम पंचायत बरौली चौथ में आयोजित ग्रामीण समस्या समाधान शिविर का भी जायजा लिया। उन्होंने विभिन्न विभागों के काउंटरों पर जाकर परिवादों और उनके निस्तारण की स्थिति की समीक्षा की।
इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिविर में आने वाले प्रत्येक ग्रामीण की समस्या को संवेदनशीलता के साथ सुना जाए और त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए।
प्रशासनिक संदेश
जिला कलेक्टर के इस औचक निरीक्षण से स्पष्ट संदेश गया कि जिले में लापरवाही और कार्य में ढिलाई को किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।