लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
— आईएएस डॉ. हरसहाय मीना व सुमन मीना ने समाज को दिया सशक्त संदेश
जमवारामगढ़ । उपखंड क्षेत्र के गांव कानडियावाला में एक प्रेरणादायी पहल ने समाज को दहेज प्रथा के खिलाफ नई दिशा दी है। स्व. मनभर देवी एवं गोपाल लाल मीना के सुपुत्र देवेन्द्र (केशव) का विवाह पूरी तरह दहेज मुक्त तरीके से सम्पन्न हुआ। परिवार के चाचा–चाची आईएएस डॉ. हरसहाय मीना एवं पंचायत समिति सदस्य सुमन मीना ने अपने भतीजे की शादी दहेज मुक्त कर समाज में एक अनुकरणीय उदाहरण पेश किया।
● एक रुपया ने निभाईं सभी रस्में
28 नवंबर को लगन-टीका और 30 नवंबर को विवाह की रस्मों में लड़के पक्ष ने लड़की पक्ष से मात्र एक रुपया लेकर सभी पारंपरिक नेगचार निभाए। विवाह में किसी भी रूप का दहेज—बर्तन, फर्नीचर, वाहन, अन्य सामान या नकद—कुछ भी नहीं लिया गया।
● लड़की
पक्ष ने भी निभाई बराबर की भागीदारी

कन्या आचुकी (किरण), सुपुत्री कल्ली देवी एवं रामजीलाल ब्याड़वाल, निवासी ग्राम चावण्डिया, तहसील आंधी, जिला जयपुर—एक साधारण किसान परिवार से हैं। दोनों पक्षों ने पूरी सहमति के साथ दहेज मुक्त विवाह की पहल को स्वीकार किया। परिवार की सादगीपूर्ण सोच और सामाजिक जागरूकता ने इस अभियान को और भी मजबूत बनाया।
● समाज में खुशियां, सोशल मीडिया पर सराहना
इस पहल ने न केवल आदिवासी मीणा समाज, बल्कि अन्य समाजों में भी एक सकारात्मक संदेश दिया है। लोग विवाह समारोह की सरलता और सामाजिक चेतना की इस मुहिम की सराहना कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी दोनों परिवारों को खूब बधाइयाँ दी जा रही हैं।
