लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
स्वच्छ एवं हरित भारत का लिया संकल्प
कालीसिंध नदी तट स्थित मस्जिद परिसर में कार्यक्रम, पौधों के संरक्षण के साथ ऐतिहासिक धरोहरों को बचाने का संदेश
गंगधार, झालावाड़। ईद-ए-मिलादुन्नबी के पावन अवसर पर दाऊदी बोहरा समाज की ओर से गुरुवार को पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता का संदेश देते हुए ऐतिहासिक कालीसिंध नदी तट स्थित मस्जिद परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य धार्मिक आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण का संदेश समाज तक पहुंचाना रहा।
दाऊदी बोहरा समाज रबी-अव्वल माह में पैगंबर मोहम्मद साहब का जन्मदिवस ईद-ए-मिलादुन्नबी के रूप में मनाता है। इस अवसर पर धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्य भी किए जाते हैं।
ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण पर जोर
गंगधार में कालीसिंध नदी के तट पर स्थित बोहरा समाज की मस्जिद धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां दूर-दराज से श्रद्धालु अपनी मन्नतें लेकर पहुंचते हैं। मस्जिद के आसपास ऐतिहासिक किला, रानी महल, रामानुज कोट, रानी घाट और राम मंदिर सहित कई प्राचीन धरोहरें मौजूद हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार समय के साथ इन ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। कई स्थानों पर गंदगी का जमावड़ा भी देखने को मिलता है, जिससे क्षेत्र की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक पहचान प्रभावित हो रही है। ऐसे में वृक्षारोपण के साथ स्वच्छता और धरोहर संरक्षण का संदेश देना कार्यक्रम की महत्वपूर्ण पहल रही।
पौधों के संरक्षण का लिया संकल्प
पैगंबर मोहम्मद साहब एवं सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन साहब की 80वीं सालगिरह के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में समाजजनों ने पौधे लगाए और उनके संरक्षण का संकल्प लिया।
इस दौरान उपस्थित लोगों ने क्षेत्र को स्वच्छ, सुंदर और हरा-भरा बनाने के लिए सामूहिक प्रयास करने का संकल्प लिया। साथ ही ‘स्वच्छ भारत, सुंदर भारत, हरा-भरा रहे भारत देश हमारा’ के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने की प्रतिबद्धता जताई।
बड़ी संख्या में समाजजन रहे मौजूद
कार्यक्रम में पर्यावरणविद् दशरथ नंदन पांडे, समाजसेवी हीरालाल वर्मा, आलोट सद्भावना ग्रुप के मुर्तजा हामिद ईज्जी, गंगधार सदर मुल्ला हुजेफा भाई, नजमुद्दीन भाई, नूरुद्दीन भाई, अकबर भाई, युसुफ भाई, हकीम भाई, जोहर भाई, कुतुबुद्दीन भाई, मुस्तफा भाई, सफदर भाई, बाकिर भाई सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के माध्यम से धार्मिक आयोजन को पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ते हुए लोगों को अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनकी नियमित देखभाल के लिए प्रेरित किया गया।
