लोक टुडे न्युज़ नेटवर्क
झालावाड़ जिले की गंगधार तहसील में तहसीलदार गणेश खगार ने शनिवार को राजस्व एवं पशुपालन विभाग की संयुक्त टीम के साथ विभिन्न गौशालाओं का निरीक्षण किया। इस निरीक्षण दल में वरिष्ठ पशु चिकित्साधिकारी राजेश मेहता, पटवारी शोभाराम रेबारी सहित अन्य अधिकारी शामिल रहे।
निरीक्षण के दौरान टीम ने सबसे पहले श्री खेड़ापति हनुमान गौशाला समिति, चोमहला का दौरा किया। यहां व्यवस्थाओं की बारीकी से जांच की गई। अधिकांश व्यवस्थाएं संतोषप्रद पाई गईं, हालांकि कुछ कमियों की ओर समिति का ध्यान आकर्षित कर उन्हें दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए। साथ ही समिति पदाधिकारियों को यह भी समझाया गया कि गौवंश की देखभाल में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
इसके बाद दल ने श्री देवनारायण गौशाला समिति, कीटिया का निरीक्षण किया। निरीक्षण में यह गौशाला गैर अनुदानित पाई गई। यहां करीब 100 गौवंश ऐसे पाए गए जिनकी टैगिंग अब तक नहीं की गई थी। इस पर तहसीलदार ने समिति सदस्यों को समझाइश दी कि वे पशुपालन विभाग को शीघ्र ही प्रार्थना पत्र प्रेषित करें, ताकि सभी गौवंश की टैगिंग की जा सके और उन्हें रिकॉर्ड में सम्मिलित किया जा सके।
टीम ने दोनों समितियों को स्पष्ट संदेश दिया कि गौशालाओं की व्यवस्थाओं में पारदर्शिता और अनुशासन बनाए रखना आवश्यक है। जहां व्यवस्थाएं ठीक मिलीं, वहां प्रशंसा की गई, वहीं कमियों को सुधारने के लिए लिखित एवं मौखिक निर्देश जारी किए गए।
तहसीलदार गणेश खगार ने कहा कि गौशालाओं का नियमित निरीक्षण जारी रहेगा और जिन समितियों में कमियां पाई जाएंगी, उनके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई भी की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि गौवंश की सेवा सभी की प्राथमिक जिम्मेदारी है और प्रशासन इस दिशा में गंभीरता से काम कर रहा है।













































