लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
घरेलू गैस की कमी से आम आदमी परेशान
कमर्शियल गैस की कमी से होटल- रेस्टोरेंट संचालक परेशान
तुषार पुरोहित की रिपोर्ट
सिरोही- खबर सिरोही से जहां गैस वितरक कंपनियों के कार्यालयों के बाहर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। भारत , एचपी, इंडियन गैस सहित अन्य गैस वितरक कंपनियों के कार्यालयों के बाहर ग्राहकों का सुबह से जमावड़ा बढ़ गया। सिंलेंडर बुकिंग कराने की ऑन लाइन व्यवस्था बंद होने के कारण लोग सीधे गैस कंपनियों के ऑफिस पहुंच रहे है। सबसे ज्यादा भीड़ भारत गैस ऑफिस के बाहर देखने को मिली। भीड़ के चलते ऑफिस के बाहर अव्यवस्था जैसे हालात रहे। महिलाएं और बुजुर्ग भी घंटों से कर रहे इंतजार।
ऑटो बुकिंग बंद, ग्राहक भटकने को मजबूर
गैस सिलेंडर लेने के लिए दूर-दराज से लोग पहुंच रहे है। लोगों में जल्दी से गैस लेने की होड मची है। संचालकों का कहना है कि गैस पर्याप्त है अफवाहों पर ध्यान नहीं दे। वितरकों ने ग्राहकों से शांति बनाए रखने की अपील की है। लेकिन हकीकत में गैस का जो संकट खड़ा कंपनियों ने ही किया यदि कंपनियां ऑन लाइन बुकिंग बंद नहीं करती तो इस तरह की अफरा- तफरी नहीं मचती।
लेकिन कहीं न कहीं सरकार और गैस कंपनियों के बीच कम्यूनिकेशन गैप रहा जिसके चलते ऑन लाइन बुकिंग बंद होने से ग्राहक घबरा गया और वो गैस वितरक कंपनियों के द्वार पहुंच गया।
सरकार भंडारण पर बरतेगी सख्ती
हालांकि दूसरी और सरकार ने कहा है कि आने वाले दो-चार दिन में हालात सामान्य हो जाएंगे। गैस संकट के बीच केंद्र सरकार ने प्राकृतिक गैस के उत्पादन और वितरण पर सख्त नियंत्रण लगाया है. सरकार ने प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के लिए गैस का समान वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए है. गैस उत्पादकों, आयातकों और पाइपलाइन ऑपरेटरों को आदेश का तत्काल पालन करना होगा. गैस आपूर्ति, आवंटन और उपभोग की पूरी जानकारी सरकार को देना अनिवार्य है लेकिन इसका पालन कैसे होगा और कौन मॅानिटरिंग करेगा बड़ा सवाल ये है। इसके लिए सबसे पहले सरकार को ऑन लाइन गैस बुकिंग सिस्टम को खोलना होगा। क्योंकि बहुत से ऐसे लोग है जिनके पास गैस का स्टॅाक होने के बावजूद वे गैस का संग्रहण करने के लिए भी बुकिंग करा रहे है।
होटल इंडस्ट्रीज पर पड़ेगा विपरित असर
हां कमर्शियल गैस सिलेंडरों की कमी होने से होटल- रेस्टोरेंट इंडस्ट्रीज पर जरुर प्रभाव पड़ेगा। शादी समारोह पर भी इसका असर दिखेगा। इसलिए सरकार को चाहिए कि वो दावे करने की बजाए इसकी वितरण व्यवस्था प्रोपर कर दे तो सारा संकट खत्म हो जाएगा वरना आने वाले एक दो दिन में अमेरिका – इजरायल और ईरान युद्द का असर गैस के साथ- साथ पेट्रोल- डीजल पर भी नजर आने लगेगा।
