लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
आरएनयू ने उठाई आवाज, 26 नवंबर को होगी गेट मीटिंग–कलेक्टर को सौंपा जाएगा ज्ञापन
भीलवाड़ा। (पंकज पोरवाल) महात्मा गांधी हॉस्पिटल में नर्सेज की कमी दिनों–दिन गंभीर होती जा रही है। स्थिति यह है कि राजस्थान नर्सेज यूनियन (आरएनयू) ने साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं मिला, तो अगले सप्ताह दो घंटे की इंजेक्शन डाउन हड़ताल करने पर मजबूर होना पड़ेगा। यह निर्णय यूनियन की बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया।
26 नवंबर को गेट मीटिंग
यूनियन के अनुसार बुधवार, 26 नवंबर को सुबह 9 बजे अस्पताल परिसर में गेट मीटिंग आयोजित की जाएगी। इसके बाद अधीक्षक डॉ. अरुण गौड़ को ज्ञापन सौंपा जाएगा। साथ ही नर्सिंग प्रतिनिधि जिला कलेक्टर को भी ज्ञापन देकर अपनी मांगों और अस्पताल की स्थिति से अवगत कराएंगे।
मानकों से आधी है नर्सेज की संख्या – यूनियन
जिलाध्यक्ष लक्की ब्यावट ने बताया कि नर्सेज बीते दस वर्षों से सीमित पदों पर काम कर रही हैं, जबकि नर्सिंग काउंसिल के मानकों के अनुसार पदों की संख्या आधी है।
उन्होंने कहा कि—
“बार-बार पत्राचार, निवेदन और अनुस्मारक देने के बावजूद विभाग समस्या का समाधान नहीं कर रहा। मजबूरन आंदोलन की राह पकड़नी पड़ रही है।”
जिला प्रवक्ता गिरिराज लढ़ा ने बताया कि नर्सेज की कमी के मुद्दे को एसीएस से लेकर कलेक्टर, विधायक, सीएमएचओ, मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल और पीएमओ तक सभी को अवगत कराया गया, परंतु कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा
जिला कार्यकारी अध्यक्ष ललित जीनगर ने बताया कि एक सप्ताह तक विभिन्न चरणों में मांगों को उठाया जाएगा—
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26 नवंबर: जिला कलेक्टर को ज्ञापन
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27 नवंबर: सीएमएचओ को ज्ञापन
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इसके बाद विरोध स्वरूप यज्ञ एवं हनुमान चालीसा पाठ का आयोजन कर नर्सेज नियुक्ति की मांग दोहराई जाएगी।
मरीजों को नुकसान न हो – यूनियन की अपील
यूनियन ने स्पष्ट किया कि कोई भी नर्सिंग कर्मचारी मरीजों को प्रभावित नहीं होने देगा। सभी कर्मचारी ड्यूटी के बाद या अवकाश में ही प्रदर्शन में शामिल होंगे।
एमजी अस्पताल में लगातार बढ़ती नर्सेज की कमी अब गंभीर स्थिति की ओर बढ़ रही है, और यदि समय रहते समाधान नहीं हुआ तो स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने की आशंका बढ़ सकती है।








































